रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजाति कार्य विभाग करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में राज्योत्सव, राष्ट्रपति के बस्तर दौरे, किसानों से जुड़े मुद्दों और पेंशन संबंधी मामलों पर भी चर्चा की गई.
जनजातीय समाज के विकास पर सरकार का जोर
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज के विकास से जुड़े विषय पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि देश में 12 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी है. मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जनजातीय समुदाय के विकास के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना की गई थी.
विभाग के नाम में बदलाव का फैसला राज्य में जनजातीय समुदाय से संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
तीन दिन तक चलेगा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव
कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. इस बार राज्योत्सव तीन दिनों तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
सरकार की ओर से आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया.
राष्ट्रपति के बस्तर दौरे की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 22 और 23 अक्टूबर को प्रस्तावित बस्तर प्रवास पर भी चर्चा हुई. उनके ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में शामिल होने के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई.
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
धान खरीदी और गन्ने के मूल्य पर चर्चा
किसानों से जुड़े मुद्दे भी कैबिनेट बैठक के एजेंडे में शामिल रहे. आगामी खरीफ सीजन में धान खरीदी की कार्ययोजना और हाल में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की समीक्षा की गई.
इसके अलावा गन्ना खरीदी का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ. इस विषय में अंतिम निर्णय से संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.
पेंशन विवाद के समाधान पर भी मंथन
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और शासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की लंबित पेंशन तथा रोकी गई पेंशन से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई. इन मामलों के समाधान के विकल्पों पर विचार किया गया, ताकि संबंधित कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण किया जा सके.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर प्रस्ताव पारित
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके योगदान की सराहना करते हुए विशेष प्रस्ताव पारित किया. बैठक में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके प्रभावों का उल्लेख किया गया.
इसके साथ ही सेवा पखवाड़ा, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और डिजिटल प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को भी रेखांकित किया गया.
कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में जनजातीय विकास से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के साथ राज्योत्सव की तैयारियों, किसानों के मुद्दों, पेंशन विवाद और अन्य जनहित से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

