छत्तीसगढ़ में 52 हाथियों के झुंड से थमा पेंड्रा-कटघोरा मार्ग, घंटों इंतजार करते रहे राहगीर

छत्तीसगढ़ में 52 हाथियों के झुंड से थमा पेंड्रा-कटघोरा मार्ग, घंटों इंतजार करते रहे राहगीर

प्रेषित समय :16:04:18 PM / Sun, Oct 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में 52 हाथियों के विशाल झुंड की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. हाथियों का दल जब पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पार करने पहुंचा, तो सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई. हाथियों के सुरक्षित रूप से रास्ता पार करने तक यातायात प्रभावित रहा. इसके बाद ही वाहन चालकों को आगे बढ़ने का मौका मिला.

सड़क पर हाथियों का झुंड, दोनों तरफ रुके वाहन

पेंड्रा-कटघोरा मार्ग पर हाथियों की मौजूदगी के कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. एक साथ बड़ी संख्या में हाथियों के सड़क पार करने से वाहन चालकों के लिए आगे बढ़ना संभव नहीं था. इस दौरान इलाके में लोगों की भीड़ भी जुट गई.

हाथियों के गुजरने के बाद यातायात दोबारा सामान्य हुआ. हालांकि, क्षेत्र में झुंड की लगातार आवाजाही को देखते हुए ग्रामीण और वाहन चालक सतर्कता बरत रहे हैं.

पसान से पेंड्रा-मरवाही तक हाथियों की हलचल

जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल पिछले कई दिनों से कटघोरा वनमंडल के पसान क्षेत्र और मरवाही वनमंडल के पेंड्रा व मरवाही वन परिक्षेत्र के आसपास विचरण कर रहा है. झुंड की लगातार बदलती लोकेशन के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ रही है.

वन अमला सीमावर्ती गांवों में हाथियों की दिशा और उनके संभावित आवागमन पर निगरानी कर रहा है. ग्रामीणों को भी हाथियों की मौजूदगी की सूचना देकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हाथी

जंगल से सटे खेतों तक पहुंचने के कारण हाथियों का दल किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है. इससे ग्रामीणों को आर्थिक क्षति की चिंता सता रही है. खेतों में काम करने और जरूरी कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भी हाथियों की गतिविधियों को ध्यान में रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है.

ग्रामीण इलाकों में हाथियों और इंसानों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए सतर्कता जरूरी हो गई है.

फोटो-वीडियो बनाने की होड़ से बढ़ सकता है खतरा

वन विभाग लोगों को हाथियों के करीब जाने, उन्हें घेरने या उनके रास्ते में बाधा डालने से बचने की सलाह दे रहा है. इसके बावजूद कुछ लोग हाथियों की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए झुंड के नजदीक पहुंच रहे हैं. मौके पर शोर मचाने और भीड़ जुटने से स्थिति और संवेदनशील हो सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों को घबराहट या खतरा महसूस होने पर वे आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं. ऐसे में उनके नजदीक जाना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

वन विभाग की अपील- दूरी बनाए रखें, रास्ता न रोकें

वन विभाग ने सीमावर्ती गांवों के लोगों से अपील की है कि हाथियों को देखकर उनके पास जाने या उन्हें भगाने की कोशिश न करें. झुंड के आसपास भीड़ न लगाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें. सड़क पर हाथियों के मौजूद होने पर वाहन रोककर उनके गुजरने का इंतजार करें.

52 हाथियों के एक साथ विचरण को देखते हुए वन अमले के सामने निगरानी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दें और खुद जोखिम उठाने से बचें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-