गुजरात में जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ FIR, गांधीनगर के पेथापुर थाने में दर्ज हुआ मामला

गुजरात में जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ FIR, गांधीनगर के पेथापुर थाने में दर्ज हुआ मामला

प्रेषित समय :16:40:35 PM / Mon, Oct 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

गांधीनगर. गुजरात में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ गांधीनगर के पेथापुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है. शिकायत के मुताबिक, 9 अक्टूबर को चुनाव प्रचार से जुड़े घटनाक्रम के दौरान मेवाणी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे. आरोप है कि इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और कथित तौर पर भड़काऊ बयान भी दिए गए. हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.

क्या है पूरा मामला?

FIR में दर्ज विवरण के अनुसार, पेथापुर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस के एक उम्मीदवार के खिलाफ मिली शिकायत के सिलसिले में पुलिस बयान दर्ज कर रही थी. इसी दौरान जिग्नेश मेवाणी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां पुलिस के कामकाज में हस्तक्षेप किया गया और ऐसी बातें कही गईं, जिनसे सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका थी. FIR के मुताबिक, मेवाणी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से भी संबंधित बयानों को साझा किया. पुलिस मामले में दर्ज आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.

BNS की कई धाराओं में दर्ज हुई FIR

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं का उल्लेख किया गया है. इनमें गैरकानूनी जमावड़ा, सामूहिक जिम्मेदारी, दंगा, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा, आपराधिक धमकी, जानबूझकर अपमान और विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं.

FIR में जिन धाराओं का उल्लेख बताया गया है, उनमें धारा 189(2), 190, 191(2), 221, 351(2), 352, 353(1)(b), 353(1)(c) और 353(2) शामिल हैं.

इन धाराओं के तहत आरोपों की प्रकृति और संभावित कानूनी परिणाम संबंधित प्रावधानों, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेंगे. FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं.

सोशल मीडिया पर बयान साझा करने का भी आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित बयानों को सोशल मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर प्रसारित किया गया. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि संबंधित पोस्ट में क्या सामग्री थी, उसका संदर्भ क्या था और क्या वह किसी कानूनी प्रावधान के दायरे में आती है.

फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य आगे की कार्रवाई के लिए अहम होंगे.

इमरान खेड़ावाला के मामले की भी हुई थी चर्चा

इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा था. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वंदे मातरम से संबंधित विवाद को लेकर गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने मामले की जांच विशेषाधिकार समिति को सौंपने के निर्देश दिए थे.

दोनों मामले अलग-अलग हैं और इनकी कानूनी प्रक्रिया भी स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगी. जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ दर्ज FIR में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-