वाणिज्य कर विभाग के अपर आयुक्त को 20 लाख रुपए की मांग कर दी धमकी, ग्वालियर से लेकर जबलपुर तक हड़कंप

वाणिज्य कर विभाग के अपर आयुक्त को 20 लाख रुपए की मांग कर दी धमकी, ग्वालियर से लेकर जबलपुर तक हड़कंप

प्रेषित समय :15:51:30 PM / Wed, Oct 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर


जबलपुर। एमपी के जबलपुर में वाणिज्यिक कर विभाग में पदस्थ अपर आयुक्त को उनके पुराने नौकर ने धमकी देते हुए 20 लाख रुपए की मांग की है। नौकर ने कहा कि यदि रुपए नहीं मिले तो बदनाम कर देगें। अपर आयुक्त ने इस बात की शिकायत बेलबाग थाना में की है,जिसपर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी युवक की तलाश शुरु कर दी है। 
                        पुलिस के अनुसार वाणिज्यिक कर विभाग, जबलपुर में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ सपन कुमार सोनटके मूल निवासी इटारसी, वर्तमान निवासी ग्वारीघाट, जबलपुर जब वे वर्ष 2007 सपन कुमार ग्वालियर में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात थे। इस दौरान मंजू यादव (निवासी भिंड, हाल निवासी ग्वालियर, जो अपेक्स बैंक बाड़ा में प्रायवेट गार्ड है उनके घर पर घरेलू काम-धाम संभालता था। घर का नौकर होने के नाते मंजू यादव का उठना-बैठना और विभाग के सहकर्मियों व व्यापारियों से मेल-जोल बढ़ गया था। साल 2009 में सपन कुमार का ग्वालियर से ट्रांसफर हो गया और इसके बाद दोनों के बीच 16-17 साल तक कोई संपर्क नहीं रहा। बीती 27 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच, जब अपर आयुक्त सपन कुमार घमापुर चौक से अपने दफ्तर की ओर जा रहे थे, तभी उनके और उनके परिचित रवि के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाला कोई और नहीं, वही पुराना घरेलू नौकर मंजू यादव था। फोन पर उसने जो कहा, उसने कमिश्नर साहब के पैरों तले जमीन खिसका दी। शातिर मंजू ने सपन कुमार को धमकाते हुए सीधे-सीधे अल्टीमेटम दिया या तो मुझे 20 लाख रुपए नकद दो या फिर मेरे नाम एक शानदार मकान दिलाओ! अगर मांग पूरी नहीं की, तो तुम्हारी झूठी शिकायतें कर-कर के तुम्हारी नौकरी और समाज में ऐसी धज्जियां उड़ाऊंगा कि मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगे! इसके बाद आरोपी मंजू यादव ने अपर आयुक्त और उनके परिचित रवि के मोबाइलों पर धड़ाधड़ फोन और धमकियों की बौछार कर दी। लगातार मिल रही इन जानलेवा और मानहानि की धमकियों से तंग आकर आखिरकार अपर आयुक्त ने चुप्पी तोड़ी और बेलबाग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही बेलबाग थाना पुलिस की नींद उड़ गई। मामले की गंभीरता और पद की गरिमा को देखते हुए पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। आरोपी मंजू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) की धारा 308(2) और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(1) के तहत संगीन अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-