सेवा की कहानी : ’पक्की छत के नीचे सुकून से रहने लगा बिहारीलाल का परिवार’

सेवा की कहानी : ’पक्की छत के नीचे सुकून से रहने लगा बिहारीलाल का परिवार’

प्रेषित समय :15:02:47 PM / Sat, Oct 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोरिया 17 अक्टूबर 2026

सीमित खेती और मजदूरी से छह सदस्यों के परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री बिहारीलाल के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था. रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में ही आमदनी खर्च हो जाती थी. प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण से मिले सहयोग ने उनकी यह चिंता दूर की है. आज वे अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन बिता रहे हैं.

जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत सलगंवाकला निवासी बिहारीलाल के पास खेती की जमीन बहुत कम है. परिवार की आजीविका मुख्य रूप से वर्षभर मिलने वाली मजदूरी पर निर्भर है. सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वे चाहकर भी पक्का मकान बनाने के लिए राशि नहीं जुटा पाते थे.

’योजना के सहयोग और परिवार की मेहनत से बना घर’
विगत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की पात्रता सूची में बिहारीलाल का नाम शामिल हुआ. योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने मकान का निर्माण शुरू किया. परिवार के सदस्यों ने भी मेहनत की और मिलकर अपना पक्का आवास तैयार कर लिया.

पक्का मकान बनने से परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत मिली है. अब बारिश और ठंड में सुरक्षित रहने की चिंता कम हुई है. जिस घर का निर्माण कभी अपनी सामर्थ्य से बाहर लगता था, उसी घर में आज पूरा परिवार साथ रह रहा है.

’रोजीरोटी चलाना कठिन था, मकान कैसे बनाते’
बिहारीलाल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि मजदूरी की कमाई से छह सदस्यों के परिवार की रोजीरोटी चलाना ही कठिन था. ऐसे में पक्का मकान बनाने के बारे में सोच नहीं पाते थे. प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सहायता ने उनके लिए यह संभव कर दिया. वे कहते हैं कि अब परिवार को किसी भी मौसम में सुरक्षा की चिंता नहीं रहती.

बिहारीलाल का परिवार पक्की छत मिलने से राहत महसूस कर रहा है. योजना से मिला सहयोग उनके लिए सुरक्षित आशियाने के साथ जीवन में स्थिरता और सुकून का आधार बना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-