कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नाव पलटने से चार युवक चंबल नहर में डूबे

कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नाव पलटने से चार युवक चंबल नहर में डूबे

प्रेषित समय :09:33:09 AM / Wed, Oct 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोटा. राजस्थान के कोटा में दशहरे पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया. बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड स्थित स्टील ब्रिज के पास चंबल की दायीं मुख्य कोटड़ा नहर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलट गई. हादसे में चार युवक डूब गए. सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम की रेस्क्यू टीम और गोताखोरों ने तलाश अभियान शुरू किया. देर रात तक युवकों का पता नहीं चल सका.

बड़ी प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान बिगड़ा संतुलन

जानकारी के अनुसार, नवरात्र की नवमी की पूजा के बाद कुछ लोग मां दुर्गा की करीब चार फीट ऊंची प्रतिमा लेकर सीसीएच (सिटी सेंटर हाइट) बिल्डिंग के सामने स्थित नहर घाट पहुंचे थे. यहां मछली पकड़ने वाली नावों के जरिए पैसे लेकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा था. प्रतिमा बड़ी होने के कारण उसे विसर्जित करने के लिए नाव नहर के बीच ले जाई गई.

प्रतिमा को पानी में विसर्जित करने के लिए नाविक के झुकाते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. हादसे में यश जोशी उर्फ यशू, राहुल जोशी, सूरज सिंह उर्फ गोलू और विकास वर्मा नहर में डूब गए. कुछ लोग तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे.

देर रात तक तलाश अभियान जारी

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. गोताखोरों और रबड़ बोट की मदद से सीसीएच के सामने नहर से लेकर उम्मेदगंज तालाब तक तलाश की गई. बचाव अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और नगर निगम की टीमें जुटीं. प्रशासन ने नहर में पानी का बहाव भी बंद करवाया और निर्माण कार्य वाले हिस्से में जाली लगवाई. इसके बावजूद देर रात तक चारों युवकों का कोई सुराग नहीं मिला.

सूचना मिलते ही घटनास्थल पहुंचे मंत्री दिलावर

हादसे के समय शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर कसार में एक कार्यक्रम में शामिल थे. घटना की जानकारी मिलते ही वे कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए.

हर साल होता है विसर्जन, सुरक्षा के इंतजाम नहीं

नहर घाट पर हर साल गणेश महोत्सव और नवरात्र के बाद बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है. इसके बावजूद घटनास्थल पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे. मौके पर न तो सुरक्षाकर्मी तैनात थे और न ही बचाव दल, गोताखोर, नाव या क्रेन की व्यवस्था थी. हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठने लगे हैं.

पुलिस ने संभाली व्यवस्था, ओम बिरला ने जताया दुख

हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने लोगों को घाट की ओर जाने से रोककर बचाव अभियान के लिए रास्ता खाली कराया और यातायात व्यवस्थित किया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने प्रशासन को बचाव और तलाशी अभियान तेज करने के निर्देश दिए तथा युवकों के सकुशल मिलने की कामना की.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-