सोना ₹1,800 तक लुढ़का, चांदी में ₹5,500 से ज्यादा की गिरावट; खरीदने से पहले जानें नए भाव

सोना ₹1,800 तक लुढ़का, चांदी में ₹5,500 से ज्यादा की गिरावट; खरीदने से पहले जानें नए भाव

प्रेषित समय :16:25:45 PM / Thu, Oct 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है. गुरुवार को कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.21 प्रतिशत गिरकर 1,44,308 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. वहीं, चांदी की कीमत 2.64 प्रतिशत टूटकर 2,03,647 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई. निवेशकों की सतर्कता, मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव और ब्याज दरों को लेकर चिंताओं ने कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित किया है.

सोना-चांदी का ताजा भाव क्या है?

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तक उपलब्ध कारोबार के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू वायदा बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई.

  • सोना: 1,44,308 रुपये प्रति 10 ग्राम

  • चांदी: 2,03,647 रुपये प्रति किलोग्राम

ये MCX के दिसंबर वायदा अनुबंधों के भाव हैं. स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतें शहर, शुद्धता, जीएसटी और अन्य शुल्कों के अनुसार अलग हो सकती हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टूटी कीमतें

कॉमेक्स में गुरुवार के शुरुआती कारोबार के दौरान सोना करीब 1.05 प्रतिशत गिरकर 4,106.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. वहीं, चांदी में लगभग 2.24 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका भाव 56.42 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया.

वैश्विक बाजार में कमजोरी का असर भारतीय वायदा कारोबार पर भी पड़ा. सोने के दिसंबर अनुबंध में पिछले बंद भाव 1,46,079 रुपये की तुलना में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ. दिन के दौरान भाव 1,44,196 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया.

चांदी का दिसंबर वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 2,09,168 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे खुला. कारोबार के दौरान यह गिरकर 2,03,520 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया.

बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने को लेकर क्या अनुमान जताया?

बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के एक अनुमान के मुताबिक, अगर बाजार में मौजूदा दबाव बना रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3,700 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है. हालांकि, यह एक संभावित बाजार अनुमान है, न कि कीमतों में गिरावट की गारंटी.

निवेशक इस तरह के अनुमानों के साथ-साथ अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर भी नजर रख रहे हैं.

सोने की कीमतों में गिरावट की क्या हैं वजहें?

1. अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता: यदि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों के रूप में सोने की आकर्षकता प्रभावित हो सकती है.

2. रुपये की मजबूती: भारतीय रुपया मजबूत होने पर आयातित सोने की लागत कम हो सकती है. इसका असर घरेलू बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

3. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा को लेकर निवेशक सतर्क हैं. इससे कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.

4. कच्चे तेल की कीमतें: पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं महंगाई की आशंकाओं को बढ़ा सकती हैं. यदि इसके कारण ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो सोने पर दबाव पड़ सकता है.

आगे सोने-चांदी के भाव किस दिशा में जाएंगे?

आने वाले दिनों में अमेरिका के महंगाई संबंधी आंकड़े, उपभोक्ता भावना, आर्थिक गतिविधियों के संकेतक और फेडरल रिजर्व की नीतियां सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. इसके अलावा डॉलर, रुपये और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव पर भी बाजार की नजर रहेगी.

फिलहाल कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. ऐसे में सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अपने शहर के ताजा भाव और खरीदारी के समय लागू शुल्कों की जानकारी लेनी चाहिए. केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर कीमतों के आगे भी गिरने या बढ़ने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-