नई दिल्ली. भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का विशेष निमंत्रण दिया. नेतन्याहू ने मोदी को बहादुर भारतीय पायलट स्मित मच्छर के साथ समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की.
नेतन्याहू ने इस बातचीत की जानकारी सामाजिक माध्यम पर साझा की. उन्होंने भारत और इजरायल के बीच मजबूत तथा दशकों पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मित्रता को भी रेखांकित किया.
भारतीय पायलट के साथ मशाल प्रज्वलित करने का निमंत्रण
इजरायली प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. इस अवसर पर मोदी को भारतीय पायलट स्मित मच्छर के साथ मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया गया है.
स्मित मच्छर का नाम उस घटना के संदर्भ में सामने आया है, जिसमें उन्होंने 30 सितंबर 2026 को एक बड़े विमानन हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. नेतन्याहू ने उन्हें बहादुर भारतीय पायलट बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के साथ समारोह में शामिल करने की इच्छा जताई.
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से निमंत्रण स्वीकार किए जाने या समारोह में उनकी उपस्थिति को लेकर फिलहाल कोई अंतिम पुष्टि नहीं की गई है.
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर दिया जोर
फोन पर हुई बातचीत के दौरान आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. नेतन्याहू के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत की एकजुटता व्यक्त की.
दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत को आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जारी रखने के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच मजबूत तथा दशकों पुराने संबंधों की सराहना भी की. उनके बयान से स्पष्ट है कि इजरायल भारत के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय संवाद को महत्वपूर्ण मानता है.
पीएम मोदी ने भी साझा की बातचीत की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सामाजिक माध्यम पर बातचीत की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया था. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में बनी गति की समीक्षा की और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
मोदी के अनुसार, बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ. दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच भारत तथा इजरायल के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह संवाद क्षेत्रीय परिस्थितियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है.
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर चर्चा
पश्चिम एशिया में जारी हिंसक संघर्ष के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. इस पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की.
प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया. भारत की विदेश नीति में क्षेत्रीय स्थिरता, संवाद और भारतीय हितों की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं.
दोनों नेताओं की बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ क्षेत्रीय परिस्थितियों का शामिल होना यह दर्शाता है कि भारत और इजरायल के संबंधों में सुरक्षा तथा कूटनीतिक संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है.
भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने पर सहमति
भारत और इजरायल के बीच रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में सहयोग है. दोनों देश उच्चस्तरीय बातचीत के माध्यम से अपनी साझेदारी को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं.
इस बार की बातचीत में भी दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. नेतन्याहू ने जहां दोनों देशों के दशकों पुराने संबंधों की प्रशंसा की, वहीं मोदी ने साझेदारी को और मजबूत करने की बात कही.
22 अक्टूबर को हुई इस बातचीत में तीन प्रमुख विषय सामने आए—इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह का निमंत्रण, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पश्चिम एशिया में शांति की आवश्यकता. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा या समारोह में उनकी भागीदारी की अंतिम पुष्टि होना अभी बाकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

