भोपाल मास्टर प्लान-2047 पर किसानों और व्यापारियों का विरोध, बोले- मांगें नहीं मानीं तो ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचेंगे

भोपाल मास्टर प्लान-2047 पर किसानों और व्यापारियों का विरोध, बोले- मांगें नहीं मानीं तो ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचेंगे

प्रेषित समय :17:33:20 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. भोपाल के मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट को लेकर किसानों और व्यापारियों ने विरोध जताया है. शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान शाहपुरा स्थित नगर एवं ग्राम निवेश (TNCP) कार्यालय पहुंचे और उपसंचालक हरिओम महेश्वरी को अपनी आपत्तियां सौंपीं. किसानों ने कृषि भूमि के भू-उपयोग में बदलाव, बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण और बैठकों में सरपंचों को शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कार्यालय पहुंचकर धरना दिया जाएगा.

कृषि भूमि और कैचमेंट एरिया के प्रावधानों पर आपत्ति

किसानों का कहना है कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में 66 गांवों की कृषि भूमि को रिवरफ्रंट, फॉरेस्ट, ग्रीन बेल्ट और अन्य आरक्षित श्रेणियों में शामिल करने का प्रस्ताव है. इससे उनकी निजी जमीन, खेती और आजीविका प्रभावित होने की आशंका है.

किसानों ने मांग की कि कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने से पहले उनके अधिकारों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए. उन्होंने बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई.

किसानों का आरोप है कि आम लोगों के मकानों पर रोक संबंधी प्रावधानों के बीच प्रभावशाली लोगों के बंगले और फार्म हाउस वाले क्षेत्रों में निर्माण की सीमा बढ़ाई जा रही है. उन्होंने इस मामले में समान नियम लागू करने की मांग की.

सरपंचों को बैठकों में नहीं बुलाने पर उठाए सवाल

जनपद पंचायत अध्यक्ष फंदा प्रमोद सिंह राजपूत ने अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मास्टर प्लान के मौजूदा ड्राफ्ट का विरोध किया. वहीं, सरपंच प्रतिनिधि घनश्याम पाटीदार ने कहा कि मास्टर प्लान में शामिल गांवों के सरपंचों को बैठकों में नहीं बुलाया गया.

किसान गीता प्रसाद पाटीदार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ TNCP कार्यालय पहुंचेंगे और धरने पर बैठेंगे. प्रदर्शन के दौरान किसान ‘किसान शक्ति जागेगी, सारी समस्या भागेगी’ लिखे बोर्ड लेकर पहुंचे. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी सक्रिय रहा.

किसानों से पहले व्यापारियों ने दर्ज कराईं आपत्तियां

मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट को लेकर किसानों से पहले व्यापारी भी शाहपुरा स्थित TNCP कार्यालय पहुंचे थे. व्यापारियों ने व्यावसायिक भू-उपयोग, फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), कन्वर्जन फीस और सीलिंग की कार्रवाई से जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताई.

व्यापारियों की मांग है कि कन्वर्जन फीस एकमुश्त और कुल 5 प्रतिशत तय की जाए. उनका कहना है कि फीस जमा करने के बाद पूरा व्यावसायिक FAR दिया जाना चाहिए और पुराने बाजारों को राहत मिलनी चाहिए.

नीलबड़ में भी हो चुका है प्रदर्शन

मास्टर प्लान के प्रावधानों को लेकर किसानों का विरोध इससे पहले भी सामने आ चुका है. गुरुवार को नीलबड़ में किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था.

भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष अखिलेश मीणा ने भी निजी भूमि, कृषि कार्य और किसानों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधानों पर आपत्तियां दर्ज कराने की बात कही थी.

किसानों और व्यापारियों की आपत्तियों के बीच अब मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. दोनों पक्ष चाहते हैं कि अंतिम योजना तैयार करने से पहले उनकी मांगों और आपत्तियों पर विचार किया जाए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-