झोटा हत्याकांड: परिवार की 14 में से 12 मांगें स्वीकार, मुख्य आरोपी 5 दिन की CBI रिमांड पर

झोटा हत्याकांड: परिवार की 14 में से 12 मांगें स्वीकार, मुख्य आरोपी 5 दिन की CBI रिमांड पर

प्रेषित समय :16:57:08 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मानसा. पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अहम घटनाक्रम सामने आया. परिवार, एक्शन कमेटी और विशेष जांच टीम (SIT) के बीच हुई बैठक में परिवार की 14 मांगों में से 12 को स्वीकार कर लिया गया. मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन सकी. वहीं, मामले के मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को मोहाली की CBI अदालत ने पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है.

12 मांगों पर सहमति, SIT ने सौंपा लिखित जवाब

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर परिवार और एक्शन कमेटी की मांगों पर SIT के साथ बैठक में विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के बाद जांच टीम ने स्वीकार की गई मांगों के संबंध में एक्शन कमेटी को लिखित आश्वासन सौंपा.

सरकार की ओर से मिले लिखित जवाब पर आगे चर्चा करने के लिए एक्शन कमेटी ने अलग से बैठक बुलाने का फैसला किया है. इस बैठक में झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम कराने और उसे चंडीगढ़ स्थित PGI भेजने के मुद्दे पर भी निर्णय लिया जा सकता है.

मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार पांच दिन की CBI रिमांड पर

मामले के मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को CBI ने मोहाली स्थित अदालत में पेश किया. सुनवाई के बाद अदालत ने उसे पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया. जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही है.

इससे पहले गुरुवार को CBI की अलग-अलग टीमों ने अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों पर करीब आठ घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था. एजेंसी ने श्मशान घाट रोड स्थित मानसा मेडिकल हॉल की भी जांच की और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की.

मामले में चारों आरोपियों को अदालत ने 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने अश्विनी कुमार का पंजीकरण रद्द किया

हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम के बीच पंजाब फार्मेसी काउंसिल की कार्यकारी समिति ने अश्विनी कुमार का फार्मासिस्ट पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया है.

जानकारी के मुताबिक, समिति की 20 अक्टूबर को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था. इसके बाद 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रार ने आधिकारिक पत्र जारी किया और अश्विनी कुमार का नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के रजिस्टर से हटा दिया गया.

2020 में जारी हुआ था फार्मासिस्ट पंजीकरण

पंजाब फार्मेसी काउंसिल के रिकॉर्ड के अनुसार, अश्विनी कुमार को फार्मासिस्ट पंजीकरण संख्या 51464 के तहत 10 जुलाई 2020 को पंजीकृत किया गया था. पंजीकरण रद्द करने का आदेश 20 अक्टूबर से प्रभावी बताया गया है.

इस कार्रवाई के साथ ही मामले में आरोपी के पेशेवर पंजीकरण पर भी कार्रवाई की गई है. मामले की जांच CBI कर रही है और परिवार की शेष मांगों पर एक्शन कमेटी की बैठक में आगे चर्चा होने की संभावना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-