संगीत सोम का अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप, बोले मेरी हत्या कराने की रची गई थी साजिश

संगीत सोम का अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप, बोले मेरी हत्या कराने की रची गई थी साजिश

प्रेषित समय :19:10:28 PM / Sat, Oct 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. संगीत सोम ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान आवाज उठाने के कारण तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने उनके खिलाफ कथित फर्जी मुकदमे दर्ज कराए और उन्हें जेल भेज दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में स्थानांतरण के दौरान उनकी जान को खतरा था और उनकी हत्या कराने की कोशिश की जा सकती थी. संगीत सोम के इन दावों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है. हालांकि, ये आरोप उनके बयान पर आधारित हैं और उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है.

जेल बदलने और रातभर जंगलों में घुमाने का दावा

संगीत सोम ने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान जब उन्होंने आवाज उठाई, तब उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें जेल भेज दिया गया. उन्होंने दावा किया कि मुजफ्फरनगर जेल पहुंचने के करीब दो घंटे बाद ही उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया.

बीजेपी नेता के अनुसार, इस दौरान उन्हें पूरी रात जंगलों में घुमाया गया. उन्होंने इस घटनाक्रम को अपनी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया. संगीत सोम का आरोप है कि उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें आशंका हुई थी कि उनके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है.

उन्होंने कहा कि उस दौर की घटनाओं को याद कर आज भी वह सहम जाते हैं. हालांकि, उपलब्ध सामग्री में जेल स्थानांतरण के आधिकारिक कारणों या इस संबंध में किसी जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है.

उरई जेल खाली कराने पर उठाए सवाल

संगीत सोम ने दावा किया कि उन्हें उरई जेल में स्थानांतरित किए जाने के बाद वहां की पूरी जेल खाली करा दी गई थी और उन्हें अकेले रखा गया था. उन्होंने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर जेल को खाली क्यों कराया गया और अन्य कैदियों को वहां से क्यों हटाया गया.

बीजेपी नेता के मुताबिक, जेल में मौजूद कुछ अधिकारियों ने उन्हें आगाह किया था कि उनकी हत्या कराने की कोशिश हो सकती है. उनका दावा है कि इसी आशंका के चलते उन्हें अकेले रखा गया था.

संगीत सोम ने इस पूरे मामले की जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि उस समय की परिस्थितियों और जेल प्रशासन की कार्रवाई की पड़ताल होनी चाहिए. हालांकि, उपलब्ध समाचार सामग्री में संबंधित अधिकारियों के बयान या जेल खाली कराए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण शामिल नहीं है.

महापंचायत के बाद जनता के समर्थन का दावा

संगीत सोम ने कहा कि जेल में रहते हुए उन्होंने अपने लोगों तक संदेश पहुंचाया था. उनके मुताबिक, इसके अगले दिन खेड़ा में महापंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे.

उन्होंने दावा किया कि महापंचायत के दौरान प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलाई गई थी. संगीत सोम के अनुसार, उस समय जनता उनके समर्थन में खड़ी हुई और लोगों ने चेतावनी दी थी कि यदि उत्तर प्रदेश में उनकी हत्या हुई तो सरकार को पलटने की कोशिश की जाएगी.

बीजेपी नेता ने कहा कि जनता के समर्थन ने उस समय उन्हें मजबूती दी. उन्होंने दोहराया कि यदि लोगों का साथ नहीं मिलता तो उनकी हत्या हो सकती थी. ये सभी बातें संगीत सोम के अपने दावे हैं. उपलब्ध सामग्री में महापंचायत के दौरान गोली चलने की घटना और उससे संबंधित परिस्थितियों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

अखिलेश यादव पर लगाए गंभीर आरोप

संगीत सोम ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने उन्हें निशाना बनाया था. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने और जेल भेजने की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा थी.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता उनके समर्थन में खड़ी नहीं होती, तो उनकी जान को खतरा हो सकता था. संगीत सोम ने बताया कि पहले भी एक इंटरव्यू में उनसे इस संबंध में सवाल पूछा गया था और तब भी उन्होंने यही आरोप लगाए थे.

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से इन ताजा आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है. इसलिए आरोपों के संबंध में दोनों पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है.

सपा-कांग्रेस के बीच विवाद को नेतृत्व की लड़ाई बताया

संगीत सोम ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चलने वाली राजनीतिक खींचतान पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच विवाद केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व से भी जुड़ा है.

बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी में से बड़ा नेता कौन है. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव कांग्रेस को बराबर सीटें देकर अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर नहीं दिखाना चाहते.

संगीत सोम के मुताबिक, कांग्रेस खुद को राष्ट्रीय पार्टी मानती है और विभिन्न राज्यों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी के आधार पर बराबरी की हिस्सेदारी चाहती है. उन्होंने कहा कि ऐसे में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है.

विपक्षी गठबंधन में वर्चस्व की लड़ाई का दावा

संगीत सोम ने कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच विवाद को केवल सीटों के बंटवारे के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए. उनके अनुसार, असली संघर्ष इस बात को लेकर है कि भविष्य में विपक्षी राजनीति का नेतृत्व कौन करेगा और प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में किस नेता को आगे रखा जाएगा.

उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर रखना चाहते हैं और आने वाले समय में दोनों दलों के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई तेज हो सकती है.

हालांकि, यह संगीत सोम का राजनीतिक आकलन है. उपलब्ध सामग्री में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की मौजूदा बातचीत का विस्तृत विवरण या दोनों दलों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

 संगीत सोम ने एक ओर मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान जेल में बिताए समय और अपनी सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं दूसरी ओर सपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक संबंधों को नेतृत्व की प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा. उनके आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-