छत्तीसगढ़ में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता खुला, शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

छत्तीसगढ़ में 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता खुला, शिक्षा विभाग ने जारी की वरिष्ठता सूची

प्रेषित समय :15:37:20 PM / Sun, Oct 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के शिक्षा संभाग में करीब 15 हजार शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है. संयुक्त संचालक कार्यालय ने ई-संवर्ग के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है. इसके साथ ही पात्र शिक्षकों को उच्च पद पर पदोन्नति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. विभाग ने सूची में किसी भी तरह की त्रुटि को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में दावा-आपत्तियां प्राप्त कर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए हैं.

25 अक्टूबर तक मांगी गईं दावा-आपत्तियां

जिला शिक्षा अधिकारी ने संभाग के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और प्राचार्यों को 25 अक्टूबर तक वरिष्ठता सूची पर दावा-आपत्तियां लेने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद 26 अक्टूबर तक आपत्तियों का निराकरण कर संशोधित अंतिम सूची भेजने की प्रक्रिया पूरी की जानी है.

जारी सूची में सहायक शिक्षक एलबी, नियमित संवर्ग और शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों के नाम शामिल हैं. प्रशिक्षित स्नातक, स्नातकोत्तर उच्च वर्ग शिक्षक और प्रधान पाठकों की पदोन्नति के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. संबंधित संस्थानों को सूची नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने के लिए भी कहा गया है.

सेवा अभिलेखों के आधार पर होगा सत्यापन

वरिष्ठता सूची में गलत प्रविष्टियों के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में विवाद की आशंका को देखते हुए विभाग ने दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर दिया है. आपत्ति दर्ज कराने वाले शिक्षकों को सेवा पुस्तिका और नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी. संस्था प्रमुखों को उपलब्ध अभिलेखों से जानकारी का मिलान करना होगा.

विभागीय निर्देशों के अनुसार, संशोधित और सत्यापित जानकारी जिला कार्यालय की स्थापना शाखा तक पहुंचाई जाएगी, ताकि पदोन्नति के लिए पात्र कर्मचारियों की वरिष्ठता निर्धारित करने में किसी तरह की परेशानी न हो.

2019 से 2022 तक नियुक्त शिक्षकों की मेरिट अहम

सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित करने में मेरिट क्रम महत्वपूर्ण रहेगा. इसके लिए वर्ष 2019 से 2022 के बीच व्यापम के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों का मेरिट क्रम सूची में दर्ज करना अनिवार्य बताया गया है.

वहीं, पारस्परिक या स्वैच्छिक स्थानांतरण के मामलों में वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. इन प्रविष्टियों का सही होना पदोन्नति प्रक्रिया में संभावित विवादों को कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है.

गलती मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग ने वरिष्ठता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए बीईओ और प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय की है. निर्देशों के मुताबिक, मृत, सेवानिवृत्त या अन्य संभाग में स्थानांतरित हो चुके कर्मचारियों के नाम सूची में पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

संस्था प्रमुखों को स्थापना शाखा में स्वयं उपस्थित होकर सूची की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. अब दावा-आपत्तियों के निराकरण और अंतिम वरिष्ठता सूची जारी होने के बाद पदोन्नति की आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-