रांची. छठ और दीपावली पर घर लौटना और त्योहार के बाद वापस जाना, दोनों ही यात्रियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है. एक ओर रांची आने वाली उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में ढाई से तीन गुना तक बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है.
भुवनेश्वर-रांची का हवाई टिकट छह नवंबर को 25,665 रुपए तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य दिनों में इसी रूट का किराया 4,533 रुपए रहता है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद से रांची आने वाली उड़ानों के किराये में भी भारी उछाल आया है.
रेल यात्रियों को भी दिल्ली, पटना, गोरखपुर, बेंगलुरु और जयनगर जाने वाली नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलने में परेशानी हो रही है. हालांकि, रेलवे की ओर से चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों में कई रूटों पर सीटें उपलब्ध हैं.
भुवनेश्वर जाना मुंबई-अहमदाबाद से भी महंगा
त्योहारी सीजन में हवाई किराये में सबसे अधिक उछाल भुवनेश्वर-रांची रूट पर दिख रहा है. सामान्य दिनों में 4,533 रुपए का टिकट छह नवंबर को 25,665 रुपए और सात नवंबर को 15,296 रुपए में मिल रहा है. मुंबई से रांची का सामान्य किराया 8,484 रुपए है, जो छह नवंबर को 22,730 रुपए और सात नवंबर को 19,597 रुपए हो गया है.
अहमदाबाद से रांची का किराया सामान्य दिनों के 7,822 रुपए से बढ़कर छह और सात नवंबर को 21,734 रुपए पहुंच गया है. हैदराबाद से आने का टिकट भी 6,619 रुपए के मुकाबले छह नवंबर को 18,052 रुपए और सात नवंबर को 19,342 रुपए का है. दिल्ली से रांची का किराया 7,314 रुपए से बढ़कर 15,349 और 16,219 रुपए हो गया है. बेंगलुरु और चेन्नई से आने के लिए भी यात्रियों को 15 से 18 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं. विमानन क्षेत्र में मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर किराया बढऩे की व्यवस्था इसका प्रमुख कारण है.
नियमित ट्रेनों में वेटिंग, कई तारीखों पर रिग्रेट
रेलवे की नियमित ट्रेनों में भी त्योहार के दौरान सीटों की उपलब्धता सीमित है. रांची-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस में छह नवंबर को वेटिंग 137 और नौ नवंबर को 86 है. हटिया-पूर्णियाकोर्ट एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 58 वेटिंग है, जबकि सात और नौ नवंबर को स्लीपर में रिग्रेट की स्थिति है. हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 94 और 10 नवंबर को 108 वेटिंग है. रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस में छह नवंबर को स्लीपर में 74 और थ्रीए में 62 वेटिंग है. हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में नौ नवंबर को स्लीपर में 58 वेटिंग है. राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में 11 नवंबर को रिग्रेट और 12 नवंबर को वेटिंग 155 है. हटिया-बेंगलुरु की नियमित ट्रेनों में भी अलग-अलग तारीखों पर वेटिंग बनी हुई है.
स्पेशल ट्रेनों में सीटें उपलब्ध
नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की कमी के बीच स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं. रांची-शालीमार स्पेशल में चार नवंबर को स्लीपर की 270, थ्रीए की 62 और टूए की 21 सीटें खाली हैं.