छत्तीसगढ़ की वोटर लिस्ट से 25 लाख नाम कम होने पर बवाल, मोहम्मद अकबर ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ की वोटर लिस्ट से 25 लाख नाम कम होने पर बवाल, मोहम्मद अकबर ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

प्रेषित समय :15:20:25 PM / Sun, Oct 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची से करीब 25 लाख नाम कम होने के दावे ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए भारत निर्वाचन आयोग से पूरी प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी गिरावट के पीछे के कारण स्पष्ट किए जाने चाहिए.

आबादी बढ़ी, फिर मतदाताओं की संख्या क्यों घटी?

मोहम्मद अकबर ने उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2023 के बाद छत्तीसगढ़ की जनसंख्या में वृद्धि हुई है, जबकि मतदाता सूची में लगभग 24 लाख 99 हजार नाम कम हो गए हैं. उन्होंने इस अंतर को गंभीर बताते हुए निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.

फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया. उनका कहना है कि इस माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है. उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि नाम हटाने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं.

अकबर के मुताबिक, किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज होने के बाद संबंधित निर्वाचन अधिकारी को नियमानुसार जांच करनी चाहिए. आपत्तिकर्ता और प्रभावित मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना नाम हटाने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.

झूठी घोषणा करने पर कार्रवाई का प्रावधान

पूर्व मंत्री ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का उल्लेख करते हुए कहा कि जानबूझकर गलत घोषणा करने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है. उन्होंने आयोग से पूछा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्राप्त आवेदनों में कितने फर्जी पाए गए और ऐसे मामलों में कितने लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई.

चुनाव में जीत-हार के अंतर से जोड़कर उठाया मुद्दा

मोहम्मद अकबर ने दावा किया कि वर्ष 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल जीत-हार का अंतर लगभग 6.32 लाख वोट था. इसके मुकाबले करीब 25 लाख मतदाताओं के नाम कम होने का आंकड़ा लगभग चार गुना है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल बताया.

पुरानी सूची बहाल करने या पात्र नाम जोड़ने की मांग

कांग्रेस नेता ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने पुरानी मतदाता सूची बहाल करने के विकल्प पर भी विचार करने की मांग उठाई.

नोट: मतदाता सूची से नाम कम होने, फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोप मोहम्मद अकबर के दावों पर आधारित हैं. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-