मंदसौर. मध्य प्रदेश के मंदसौर में रेलवे का टावर वैगन पटरी से उतर गया. हादसा मंदसौर रेलवे स्टेशन और गीता भवन अंडरब्रिज के बीच हुआ. बताया जा रहा है कि टावर वैगन शेड से निकलकर करीब 100 मीटर ही चला था कि अचानक उसके आगे के चार पहिए पटरी से उतर गए. घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम और रेलवे सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंच गए. राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. साथ ही मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं हुआ.
जानकारी के मुताबिक, टावर वैगन रेलवे के शेड से निकलकर साइड लाइन पर आगे बढ़ रहा था. इसी दौरान करीब 100 मीटर की दूरी तय करने के बाद उसके अगले चार पहिए पटरी से उतर गए. अचानक हुई इस घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची. कर्मचारियों ने टावर वैगन की स्थिति का जायजा लिया. इसे दोबारा पटरी पर लाने की तैयारी की जा रही है.
टावर वैगन के डिरेल होने के बाद यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सवाल था कि क्या इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है? हालांकि, रेलवे के लिए राहत की बात यह रही कि हादसा मुख्य लाइन के बजाय साइड लाइन पर हुआ. इस वजह से अप और डाउन दोनों मुख्य लाइनों पर ट्रेनों का संचालन सामान्य रहा. यात्री ट्रेनों की आवाजाही जारी रही और फिलहाल किसी ट्रेन के रद्द होने या रोके जाने की जानकारी सामने नहीं आई है.
जानें क्या है टावर वैगन का काम?
फिलहाल टावर वैगन के पटरी से उतरने की असली वजह सामने नहीं आई है. रेलवे की तकनीकी टीम घटना की जांच करेगी. इसके बाद ही पता चल सकेगा कि हादसा पटरी में किसी तकनीकी खराबी, पहियों की समस्या या किसी अन्य कारण से हुआ. बता दें कि रेलवे में टावर वैगन का इस्तेमाल ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों और बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरणों के रखरखाव के लिए किया जाता है. फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता वैगन को सुरक्षित तरीके से दोबारा पटरी पर लाने की है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

