लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है. इन फैसलों में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज, पशुपालकों को गाय पालन के लिए आर्थिक सहायता, पशु बीमा में सरकारी हिस्सेदारी और चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं. इसके अलावा औद्योगिक निवेश, साइबर सुरक्षा, टेक्सटाइल पार्क और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं.
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है.
इस व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान अपनी जेब से खर्च करने का आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, सुविधा का लाभ लेने के लिए पात्रता, अस्पतालों और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत नियम आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगे.
गाय पालने पर ₹50 हजार तक की सहायता
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट बैठक में अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक गाय पालने पर पात्र पशुपालकों को ₹50 हजार तक का अनुदान दिया जा सकेगा. इसके अलावा पशु बीमा के खर्च का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से वहन किए जाने का प्रावधान बताया गया है.
इन फैसलों का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सहयोग देना, पशुधन की सुरक्षा बढ़ाना और पशुपालन को प्रोत्साहित करना है. अनुदान की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और भुगतान की शर्तों का विवरण संबंधित योजना के नियमों से स्पष्ट होगा.
चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी
प्रदेश में सड़क नेटवर्क का विस्तार करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है. इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं.
इन परियोजनाओं से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है. इनके निर्माण की समयसीमा, लागत और अन्य तकनीकी विवरण संबंधित सरकारी आदेशों से स्पष्ट होंगे.
मैनपुरी सैनिक स्कूल को 9.524 हेक्टेयर जमीन
शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी को 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है. इसके अतिरिक्त झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए भी निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है.
इन फैसलों से शैक्षणिक सुविधाओं और भंडारण संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
FDI और वैश्विक कंपनियों के निवेश को प्रोत्साहन
योगी कैबिनेट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और वैश्विक कंपनियों से जुड़े निवेश प्रस्तावों पर इम्पावर्ड कमेटी के निर्णयों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की GCC नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकृति दी गई है.
इन निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश संबंधी गतिविधियों को गति देना और वैश्विक कंपनियों के लिए कारोबारी अवसरों का विस्तार करना है.
लखनऊ-हरदोई में मेगा टेक्सटाइल पार्क की तैयारी
औद्योगिक विकास के तहत लखनऊ और हरदोई में लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए मास्टर डेवलपर के चयन संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है.
इस परियोजना से कपड़ा उद्योग के लिए आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. इससे संबंधित निवेश और रोजगार के अवसर परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे.
साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स पर भी फोकस
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य ऑनलाइन प्रणालियों और डिजिटल सेवाओं से जुड़े सुरक्षा जोखिमों की निगरानी तथा उनसे निपटने की क्षमता को बेहतर बनाना है.
कैबिनेट के फैसलों में रोबोटिक्स और शहरी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित विषय भी शामिल बताए गए हैं. कुल मिलाकर, इन प्रस्तावों का दायरा शिक्षा, पशुपालन, परिवहन, निवेश और तकनीकी विकास जैसे कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है. शेष फैसलों का पूरा विवरण सामने आने पर उनके प्रावधानों और संभावित प्रभावों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

