दमोह/जबलपुर. मध्य प्रदेश के दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से लगे दुधिया गांव में एक सियार घर में घुस आया और सो रही 6 माह की मासूम बच्ची को मुंह में दबाकर बाहर ले जाने लगा. बच्ची की चीख सुनकर जागी मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना सियार से काफी जद्दोजहद के बाद उसके जबड़े से बेटी को छुड़ा लिया. इस दौरान मां-बेटी दोनों गंभीर रूप से घायल हो ग. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
बताया जाता है कि दुधिया निवासी सुनील परदी के परिवार के लोग गुरुवार सुबह करीब 5 बजे घर में सो रहे थे. परिवार का एक सदस्य निस्तार के लिए बाहर गया और दरवाजा खुला रह गया. इसी दौरान जंगल की ओर से आया सियार घर में घुस गया. कमरे में सुनील की पत्नी सपना (29) अपनी 6 माह की बेटी प्रियंका के साथ सो रही थी. सियार ने अचानक हमला किया और मासूम को मुंह में दबाकर बाहर की ओर भागने लगा. बच्ची की चीख सुनकर सपना की नींद खुली तो उसने सियार को बेटी को ले जाते हुए देखा. मां ने तुरंत सियार का पीछा किया और बेटी को छुड़ाने के लिए उससे भिड़ गई. संघर्ष के दौरान सियार ने बच्ची को छोड़ दिया. आवाज सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सियार जंगल की ओर भाग गया.
सूचना मिलते ही पहुंची वन परिक्षेत्र की टीम
घटना की सूचना मिलते ही सर्रा वन परिक्षेत्र की टीम तेंदूखेड़ा अस्पताल पहुंची और घायलों की जानकारी ली. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वन विभाग की टीम मां-बेटी के साथ जबलपुर गई है. तेंदूखेड़ा एसडीएम सीजी गोस्वामी ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए. सर्रा रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि मां-बेटी खतरे से बाहर है और जबलपुर में उनका उपचार जारी है. हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
बच्ची के सिर और चेहरे पर आई चोट
हमले में 6 माह की प्रियंका के सिर, चेहरे और गर्दन पर चोटें आई हैं. वहीं उसकी मां सपना भी गंभीर रूप से घायल हुई है. परिजन दोनों को पहले सर्रा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया. हालत गंभीर होने पर दोनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. चिकित्सकों के अनुसार दोनों खतरे से बाहर हैं, लेकिन बच्ची को विशेष निगरानी में रखा गया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

