जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बीच कुछ स्थानों पर विवाद और हंगामे की घटनाएं सामने आई हैं. कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र के माजरा अहीर गांव में फर्जी मतदान के आरोप को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया और दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर लात-घूंसे चले. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
फर्जी वोटिंग के आरोप पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, माजरा अहीर गांव के मतदान केंद्र पर वोटिंग के दौरान फर्जी मतदान को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई. इसी बात को लेकर सरपंच पद के प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से भिड़ गए.
मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभाली. एहतियात के तौर पर मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई.
22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में मतदान
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ. प्रदेश के 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं.
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम 6 बजे तक निर्धारित था. इस चरण में सरपंच पद के लिए 21,839 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि 45 ग्राम पंचायतों में सरपंच निर्विरोध चुने जा चुके हैं.
11,799 मतदान केंद्रों पर हो रही वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के मतदान के लिए कुल 11,799 मतदान केंद्र बनाए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली. प्रत्याशी और उनके समर्थक भी अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए सक्रिय नजर आए.
इस चुनाव में सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जा रहा है.
पुलिस की निगरानी में मतदान प्रक्रिया
माजरा अहीर की घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फर्जी मतदान के आरोप को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. मतदान केंद्र के आसपास शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई.
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर मुकाबला तेज है. ऐसे में प्रशासन के सामने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की चुनौती बनी हुई है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

