7 नवंबर 2026, शनिवार: हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह लगभग 10:48 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी. शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है. आज मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाएगी. चित्रा नक्षत्र अगले दिन सुबह लगभग 5:52 बजे तक रहेगा. प्रीति योग अगले दिन सुबह लगभग 3:28 बजे तक प्रभावी रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा, रात्रि जागरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी.
आज का पंचांग 7 नवंबर 2026
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दिन: शनिवार
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विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
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शक संवत: 1948 (पराभव)
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मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: त्रयोदशी सुबह 10:48 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
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नक्षत्र: चित्रा अगले दिन सुबह 5:52 बजे तक, इसके बाद स्वाति
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योग: प्रीति योग अगले दिन सुबह 3:28 बजे तक, इसके बाद आयुष्मान योग
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करण: वणिज सुबह 10:48 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) रात 11:04 बजे तक, फिर शकुनि
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सूर्योदय: सुबह 6:37 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:32 बजे
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चंद्रोदय: अगले दिन सुबह लगभग 5:41 बजे
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चंद्रास्त: शाम लगभग 4:02 बजे
शनिवार को शनिदेव की पूजा का महत्व
शनिवार का दिन शनिदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. इस दिन शनिदेव के मंदिर में दर्शन करना, सरसों के तेल का दीपक जलाना और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है.
सुबह स्नान के बाद शनिदेव का स्मरण करें. श्रद्धालु शनि मंत्र का जाप कर सकते हैं. पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने और गरीबों को भोजन कराने की भी परंपरा है.
शनिवार का आध्यात्मिक संदेश है कि व्यक्ति को अपने कर्मों में ईमानदारी, व्यवहार में न्याय और जीवन में अनुशासन बनाए रखना चाहिए.
आज मासिक शिवरात्रि का महत्व
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है.
मासिक शिवरात्रि पर रात्रि पूजा का विशेष महत्व है. श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करते हैं. रात में भगवान शिव का अभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया जाता है.
आज चतुर्दशी तिथि सुबह लगभग 10:48 बजे से प्रारंभ हो रही है. इसलिए रात्रि में शिव पूजा और निशिता काल का विशेष महत्व रहेगा.
आज के शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 से 5:45 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:37 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:32 से 5:58 बजे तक
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अमृत काल: रात 11:10 बजे से 12:50 बजे तक (8 नवंबर)
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निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक (8 नवंबर)
मासिक शिवरात्रि की रात्रि पूजा के लिए निशिता काल को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक और मंत्र जाप किया जा सकता है.
आज का राहुकाल और अशुभ समय
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राहुकाल: सुबह 9:21 से 10:43 बजे तक
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यमगंड: दोपहर 1:26 से 2:48 बजे तक
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गुलिक काल: सुबह 6:37 से 7:59 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: सुबह 6:37 से 7:21 बजे तक
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वर्ज्य काल: सुबह 7:21 से 8:05 बजे तक और दोपहर 1:06 से 2:47 बजे तक
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भद्रा: सुबह 10:48 से रात 11:04 बजे तक
परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है.
आज क्या करें?
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शनिवार को शनिदेव का स्मरण करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करें.
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सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
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मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करें.
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बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें.
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रात में निशिता काल के दौरान शिव आराधना करें.
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जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और उपयोगी वस्तुओं का दान करें.
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अपने कर्मों में ईमानदारी और व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें.
आज का आध्यात्मिक संदेश
"कर्मों की शुद्धता, मन की श्रद्धा और धैर्य ही जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं."
शनिवार और मासिक शिवरात्रि का यह संयोग आत्मचिंतन, अनुशासन और भक्ति का संदेश देता है. शनिदेव की आराधना के साथ भगवान शिव का स्मरण करें. जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य से करें और अपने कर्मों को बेहतर बनाने का प्रयास करें.
नोट: पंचांग में दिए गए सभी समय नई दिल्ली के स्थानीय समय (IST) के अनुसार हैं. अन्य शहरों में भौगोलिक स्थिति के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और शुभ-अशुभ मुहूर्त में अंतर हो सकता है. मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए स्थानीय पंचांग से निशिता काल की पुष्टि अवश्य करें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

