8 नवंबर का पंचांग- रविवार को दीपावली और लक्ष्मी पूजन, शाम 5:54 से 7:50 बजे तक शुभ मुहूर्त; जानें अमावस्या, राहुकाल और दिनभर का पंचांग

8 नवंबर का पंचांग- रविवार को दीपावली और लक्ष्मी पूजन, शाम 5:54 से 7:50 बजे तक शुभ मुहूर्त; जानें अमावस्या, राहुकाल और दिनभर का पंचांग

प्रेषित समय :19:17:16 PM / Sat, Oct 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

8 नवंबर 2026, रविवार: हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार दीपावली आज रविवार को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी. हालांकि अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे से प्रारंभ होगी, इससे पहले चतुर्दशी तिथि रहेगी. प्रदोष काल में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व है. नई दिल्ली में आज लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक रहेगा. आज स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग भी बन रहा है. दीपावली पर घरों में दीप प्रज्वलित करने, माता लक्ष्मी का स्वागत करने और सुख-समृद्धि की कामना करने की परंपरा है. आइए जानते हैं नई दिल्ली के स्थानीय समय के अनुसार आज का पंचांग, लक्ष्मी पूजन मुहूर्त, राहुकाल और दीपावली से जुड़ी विशेष जानकारी.

आज का पंचांग 8 नवंबर 2026

  • दिन: रविवार

  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)

  • शक संवत: 1948 (पराभव)

  • मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमांत)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

  • तिथि: चतुर्दशी सुबह 11:27 बजे तक, इसके बाद अमावस्या

  • नक्षत्र: स्वाति पूरे दिन

  • योग: आयुष्मान योग अगले दिन सुबह 3:03 बजे तक, इसके बाद सौभाग्य योग

  • करण: शकुनि सुबह 11:27 बजे तक, इसके बाद चतुष्पद रात 11:56 बजे तक

  • सूर्योदय: सुबह 6:38 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 5:31 बजे

  • चंद्रोदय: आज चंद्रोदय नहीं होगा

  • चंद्रास्त: शाम 4:35 बजे

दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का महत्व

दीपावली को सुख, समृद्धि, प्रकाश और सकारात्मकता का पर्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक अमावस्या की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ, प्रकाशमय तथा पवित्र घरों में उनका विशेष स्वागत किया जाता है.

इस दिन प्रदोष काल में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा की जाती है. भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है, जबकि माता लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की देवी हैं. कुबेर देव को धन का रक्षक माना जाता है.

दीपावली की शाम घर के मुख्य द्वार, आंगन, पूजा स्थल और छत पर दीपक जलाए जाते हैं. पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को कमल का फूल, मिठाई, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है. भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक चढ़ाने की परंपरा है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार दीपावली पर विधि-विधान से पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि बनी रहती है.

दीपावली 2026 लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

मुख्य लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

शाम 5:54 से 7:50 बजे तक

अवधि 1 घंटा 56 मिनट · नई दिल्ली

  • प्रदोष काल: शाम 5:31 से 8:09 बजे तक

  • वृषभ काल: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक

  • लक्ष्मी पूजन: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक

  • महानिशीथ काल: रात 11:39 से 12:31 बजे तक (9 नवंबर)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 से 5:46 बजे तक

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:37 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 से 5:57 बजे तक

  • अमृत काल: रात 10:02 से 11:44 बजे तक

दीपावली पर प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है. स्थिर लग्न यानी वृषभ काल में पूजा करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है.

आज का राहुकाल और अशुभ समय

  • राहुकाल: शाम 4:10 से 5:31 बजे तक

  • यमगंड: दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक

  • गुलिक काल: दोपहर 2:48 से 4:10 बजे तक

  • दुर्मुहूर्त: शाम 4:04 से 4:48 बजे तक

  • वर्ज्य काल: सुबह 11:49 से दोपहर 1:32 बजे तक

परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है.

दीपावली पर क्या करें?

  • सुबह घर की साफ-सफाई करके मुख्य द्वार को फूलों और रंगोली से सजाएं.

  • शाम को शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें.

  • कुबेर देव का स्मरण कर धन-धान्य और समृद्धि की कामना करें.

  • घर के मुख्य द्वार, आंगन और पूजा स्थल पर दीपक जलाएं.

  • अपनी श्रद्धा के अनुसार सोना, चांदी या अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं.

  • जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और मिठाई का दान करें.

  • परिवार और मित्रों के साथ दीपावली की खुशियां बांटें.

  • पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सुरक्षित और प्रदूषण रहित दीपावली मनाएं.

दीपावली पर विशेष धार्मिक परंपराएं

नरक चतुर्दशी: आज सुबह चतुर्दशी तिथि रहने के कारण नरक चतुर्दशी का भी संयोग है. इस दिन अभ्यंग स्नान और दीपदान की परंपरा है.

लक्ष्मी पूजन: शाम को प्रदोष काल में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा की जाएगी.

दीपदान: घर के मुख्य द्वार और अन्य स्थानों पर दीपक जलाकर अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश दिया जाता है.

काली पूजा: देश के कई हिस्सों में विशेष रूप से बंगाल में अमावस्या की रात माता काली की पूजा की जाती है.

आज का आध्यात्मिक संदेश

"दीपावली केवल घरों को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि मन से अंधकार, अहंकार और नकारात्मकता दूर करने का भी संदेश देती है."

दीपावली का पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में धन के साथ संतोष, सफलता के साथ विनम्रता और समृद्धि के साथ सेवा भावना भी जरूरी है. माता लक्ष्मी की आराधना के साथ अपने घर और मन को सकारात्मक विचारों से प्रकाशित करें. दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने का संकल्प लें.

नोट: पंचांग में दिए गए सभी समय नई दिल्ली के स्थानीय समय (IST) के अनुसार हैं. 8 नवंबर को अमावस्या तिथि सुबह 11:27 बजे प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी. अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति के कारण पूजा मुहूर्त में अंतर हो सकता है. लक्ष्मी पूजन के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-