नई दिल्ली. दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित की. रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे उठाए.
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे. राहुल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान वोट चोरी हुई. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाकर लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया गया है. उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी की.
राहुल गांधी ने आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का धन कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में केंद्रित हो रहा है. बड़े पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं, जबकि गरीब और मजदूर परिवारों को कर्ज लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई लोकतंत्र और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए है.
इस बीच, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि आने वाला राजनीतिक तूफान ज्ञानेश कुमार को पद से हटा देगा. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा करते हुए इसे किसी एक दल के बजाय जनता की ताकत का प्रदर्शन बताया.
यूपी की जनता बीजेपी की विदाई करेगी: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली की सत्ता तक पहुंचे हैं, उन्हें सत्ता से बाहर करने का रास्ता भी यूपी की जनता ही दिखाएगी.
अखिलेश ने कहा, 'यूपी वाले स्वागत और विदाई बहुत अच्छी तरह से करते हैं.' उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा की विदाई का दावा किया. उन्होंने रामलीला मैदान को लोकतंत्र की 'हल्दीघाटी' बताते हुए कहा कि बदलाव के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है.
ज्ञानेश कुमार को हटाने तक जारी रहेगी लड़ाई: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की गई है. खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी.
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है और वोटों को प्रभावित किया जा रहा है.
वोट चोरों के खिलाफ कुरुक्षेत्र: तेजस्वी यादव
राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए सरकार को 'दो नंबरी' बताया. उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ आज कुरुक्षेत्र जैसी लड़ाई शुरू हुई है.
तेजस्वी ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी शुरुआत जुए से हुई थी और आज लोकतंत्र के साथ भी जुआ खेला जा रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की.
आरएसएस पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिनका योगदान नहीं था, वे आज दूसरों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं.
भाजपा ने रैली पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के जरिए दिल्ली में अराजकता फैलाने और व्यापारियों का कारोबार प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. नड्डा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया.
इस तरह रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी बात रखी, वहीं भाजपा ने रैली और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए. इससे केंद्र सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

