हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमैया के घर चोरी, चोर ले गए 1980 ओलंपिक का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल; कई अंतरराष्ट्रीय पदक भी गायब

हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमैया के घर चोरी, चोर ले गए 1980 ओलंपिक का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल; कई अंतरराष्ट्रीय पदक भी गायब

प्रेषित समय :17:25:26 PM / Wed, Nov 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बेंगलुरु. भारतीय हॉकी के इतिहास से जुड़ी एक बड़ी चोरी का मामला सामने आया है. दिग्गज हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमैया के बेंगलुरु स्थित घर को चोरों ने निशाना बनाते हुए 1980 मॉस्को ओलंपिक में जीता गया गोल्ड मेडल चोरी कर लिया. इसके साथ ही चोर कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हासिल किए गए पदक भी अपने साथ ले गए. घटना के सामने आने के बाद खेल जगत में भी चिंता जताई जा रही है.

एमएम सोमैया भारतीय हॉकी के जाने-माने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं. उन्होंने तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी की. उनके घर से चोरी हुए पदक केवल कीमती धातु नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की गौरवशाली उपलब्धियों की निशानी हैं.

परिवार के साथ बाहर गए थे सोमैया, पीछे से हुई चोरी

जानकारी के मुताबिक, चोरी की यह वारदात बेंगलुरु के इंदिरानगर थाना क्षेत्र के न्यू थिप्पासंद्रा इलाके में हुई. बताया जा रहा है कि सोमैया 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर के बीच अपने गृह नगर कोडगु गए हुए थे. इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके घर में घुसकर कीमती सामान और ऐतिहासिक पदकों पर हाथ साफ कर दिया.

इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, एमएम सोमैया 25 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे घर से निकले थे. वह 28 अक्टूबर की सुबह लगभग 7:15 बजे वापस लौटे. घर पहुंचने पर उन्हें चोरी का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

ओलंपिक गोल्ड के साथ एशियन गेम्स के मेडल भी चोरी

चोरी हुए सामान में सबसे महत्वपूर्ण 1980 मॉस्को ओलंपिक का स्वर्ण पदक है. इसके अलावा चोर 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स में जीता गया रजत पदक भी ले गए.

चोरी हुए अन्य पदकों में 1986 सियोल एशियन गेम्स का कांस्य पदक और 1982 एम्स्टर्डम चैंपियंस ट्रॉफी में हासिल किया गया कांस्य पदक शामिल है.

इन पदकों का ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व काफी अधिक है. ये एमएम सोमैया के खेल करियर के साथ-साथ भारतीय हॉकी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की भी याद दिलाते हैं.

चोरों की तलाश में जुटी पुलिस, बनाई गई विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है. पुलिस घर से चोरी हुए सामान का ब्योरा जुटाने के साथ आरोपियों की पहचान करने में लगी है.

जांच का प्रमुख लक्ष्य चोरी हुए ऐतिहासिक पदकों को बरामद करना है. फिलहाल पुलिस आसपास के इलाकों में उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-