ग्वालियर. दिवाली पर हर किसी का सपना होता है कि घर में नई खुशियां और सुविधाएं आएं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते कई परिवार अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पाते. ऐसे ही परिवारों के लिए ग्वालियर नगर निगम की एक अनोखी पहल खुशियों की सौगात लेकर आई. यहां एक महिला को महज एक रुपए में डबल डोर फ्रिज मिल गया. कई सालों से फ्रिज खरीदने का सपना देख रहीं सुमन कुशवाह के लिए यह किसी बड़ी खुशी से कम नहीं था.
सुमन ने बताया कि वह लंबे समय से फ्रिज खरीदने की सोच रही थीं, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था. उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतनी कम कीमत में फ्रिज मिल जाएगा.
दरअसल, नगर निगम ग्वालियर ने 'स्वच्छ दिवाली 01 रुपए वाली' अभियान के तहत शहरवासियों के पुराने और अनुपयोगी सामान को इकट्ठा किया. इसके बाद मरम्मत और सुधार करके इन वस्तुओं को जरूरतमंद परिवारों को केवल एक रुपए में उपलब्ध कराया गया. इस पहल के जरिए स्वच्छता के साथ सामाजिक सहयोग का संदेश भी दिया गया.
21 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चला अभियान
नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देशन में यह अभियान 21 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलाया गया. इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों से दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले सामान का संग्रह किया गया. इसके लिए विधानसभा क्षेत्रवार विशेष वाहन लगाए गए थे. नागरिक अपने पुराने सामान को नजदीकी क्षेत्रीय कार्यालयों में भी जमा करा सकते थे.
3आर सेंटर में सामान की हुई मरम्मत
अभियान के दौरान एकत्रित सामग्री को फूलबाग स्थित 3आर (रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल) सेंटर पहुंचाया गया. यहां कर्मचारियों ने सामान को उसकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग किया. जिन वस्तुओं में मरम्मत की जरूरत थी, उन्हें ठीक करके दोबारा इस्तेमाल के योग्य बनाया गया.
इसमें घरेलू उपयोग की वस्तुओं के अलावा कपड़े, किताबें और अन्य जरूरी सामान शामिल थे. इसके बाद इन वस्तुओं को जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया.
एक व्यक्ति को अधिकतम पांच सामान देने की व्यवस्था
नगर निगम ने वितरण के दौरान यह नियम रखा कि प्रत्येक वस्तु की कीमत केवल एक रुपए होगी. एक व्यक्ति अधिकतम पांच वस्तुएं ले सकता था. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना था.
कचरा कम करने के साथ जरूरतमंदों की मदद का संदेश
अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य शहर में कचरे की मात्रा कम करने के साथ पुराने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है. घरों में बेकार पड़े सामान को फेंकने के बजाय मरम्मत करके किसी जरूरतमंद के काम में लाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि शहर के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से बड़ी मात्रा में सामान का वितरण किया जा रहा है. इस पहल से नगर निगम को भी आर्थिक आय प्राप्त होगी. ग्वालियर नगर निगम का यह अभियान इस बात का उदाहरण बना कि स्वच्छता की छोटी-सी पहल किसी जरूरतमंद परिवार की दिवाली को भी यादगार बना सकती है.