छठ पूजा से पहले मुंबई में सियासी घमासान, प्रदूषण की SOP पर MNS और शिंदे शिवसेना आमने-सामने

छठ पूजा से पहले मुंबई में सियासी घमासान, प्रदूषण की SOP पर MNS और शिंदे शिवसेना आमने-सामने

प्रेषित समय :18:52:37 PM / Thu, Nov 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. छठ पूजा शुरू होने से पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. मुंबई में छठ पूजा के दौरान पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने सरकार से विशेष स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करने की मांग की है. इस मांग के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और MNS के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. जहां MNS इसे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं शिंदे शिवसेना के नेताओं ने इस मांग पर सवाल उठाए हैं.

MNS ने की छठ पूजा के लिए अलग SOP बनाने की मांग

राज ठाकरे की पार्टी MNS के उपाध्यक्ष कुशल धुरी ने सरकार और प्रशासन से छठ पूजा के लिए प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है. उनका कहना है कि पूजा के बाद समुद्र और नदियों के किनारों पर प्लास्टिक सहित अन्य कचरा जमा होने की आशंका रहती है.

धुरी के मुताबिक, जिस तरह दिवाली, गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए SOP जारी की जाती है, उसी तरह छठ पूजा के लिए भी नियम बनाए जाने चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी धार्मिक आयोजन का विरोध नहीं कर रही, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्था बनाने की बात कर रही है.

शिंदे शिवसेना ने MNS की मांग पर उठाए सवाल

MNS की मांग पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और शिंदे शिवसेना नेता सिद्धेश कदम ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरण से जुड़े मामलों को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं, लेकिन हर बार हिंदू त्योहारों को ही निशाना बनाया जाता है.

उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर विद्वेष की राजनीति करने का आरोप लगाया. साथ ही उत्तर प्रदेश चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर भारतीय समुदाय को ध्यान में रखकर इस तरह की बयानबाजी की जा रही है.

आनंद दुबे ने भी MNS पर साधा निशाना

शिंदे शिवसेना के उत्तर भारतीय नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी MNS पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल बालासाहेब ठाकरे की संपत्ति के वारिस हैं, उनके विचारों के नहीं.

दुबे ने कहा कि सनातन परंपरा में त्योहारों के दौरान प्रकृति और पर्यावरण का ध्यान रखा जाता है. उन्होंने छठ मइया सहित विभिन्न धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का विरोध करने के बजाय लोगों को परंपराओं का सम्मान करना चाहिए.

SOP जारी होगी या नहीं, सरकार के फैसले पर नजर

छठ पूजा में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन मुंबई में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है. एक तरफ MNS पर्यावरण संरक्षण के नाम पर विशेष दिशा-निर्देश चाहती है, तो दूसरी तरफ शिंदे शिवसेना के नेता इसे धार्मिक आयोजनों को लेकर राजनीति करने का मुद्दा बता रहे हैं.

अब सबकी नजर महाराष्ट्र सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर है कि छठ पूजा के लिए अलग SOP जारी की जाती है या पहले से लागू प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत ही व्यवस्थाएं की जाएंगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-