नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस अरविंद कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के संयम और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में देश की सर्वोच्च अदालत के प्रमुख के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
संविधान से ऊपर कोई दल या संगठन नहीं
पीठ ने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है. कोई भी राजनीतिक दल या संगठन कानून से ऊपर नहीं है. न्यायपालिका को अपना दायित्व निभाने के लिए किसी राजनीतिक दल की सहमति की आवश्यकता नहीं है. अदालत की प्रतिष्ठा और न्यायाधीशों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को गंभीरता से लिया जाएगा.
केरल कांग्रेस की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
विवाद केरल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से मुख्य न्यायाधीश को लेकर की गई एक आपत्तिजनक पोस्ट के बाद शुरू हुआ. पोस्ट में सीजेआई को पद छोड़ने की सलाह देते हुए उनकी जगह दूसरे विकल्प की तलाश करने की बात कही गई थी. विरोध बढ़ने के बाद पार्टी ने पोस्ट हटा ली और सार्वजनिक रूप से खेद जताया.
वकील की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने इस मामले में शीर्ष अदालत को पत्र लिखकर शिकायत की थी. उन्होंने पोस्ट को न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ बताते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की थी. शिकायत पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की.
माफी की गंभीरता भी परखेगी अदालत
सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने कहा कि पार्टी अपनी गलती स्वीकार करती है और बिना शर्त माफी मांगने को तैयार है. उन्होंने अदालत में शपथ पत्र दाखिल करने की बात भी कही. इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि वह केवल औपचारिक माफी से संतुष्ट नहीं होगी. अदालत यह भी परखेगी कि माफी वास्तविक पश्चाताप के साथ मांगी गई है या केवल कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए.
वरिष्ठ वकीलों को बनाया एमिकस क्यूरी
मामले में अदालत की सहायता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और गौरव अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है. अटॉर्नी जनरल से भी कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा गया है. फिलहाल अदालत ने कांग्रेस पदाधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी है. मामले की अगली विस्तृत सुनवाई दिसंबर में होगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

