इंदौर. शहर के लवकुश चौराहे पर तैयार प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर के लोकार्पण का कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है. पहले 28 अक्टूबर को फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं से यातायात शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाना पड़ा है. अब संभावना जताई जा रही है कि दीपावली से पहले मुख्यमंत्री द्वारा फ्लाईओवर का लोकार्पण किया जा सकता है. हालांकि, कार्यक्रम की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर की शुरुआत से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने और वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है.
लवकुश चौराहे पर बने डबल लेयर फ्लाईओवर को शहर की महत्वपूर्ण यातायात परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है. इसके लोकार्पण के लिए 28 अक्टूबर की तारीख प्रस्तावित की गई थी. योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री की मौजूदगी में फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं पर यातायात शुरू किया जाना था. हालांकि, मुख्यमंत्री के अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने और तैयारियों में अधिक समय लगने के कारण निर्धारित तारीख पर लोकार्पण नहीं हो सकेगा.
अब प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की नजर नई तारीख पर है. संभावना है कि दीपावली के पहले इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है. ऐसे में वाहन चालकों को फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं से नियमित आवागमन शुरू होने के लिए नई तारीख का इंतजार करना होगा.
175 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण
लवकुश चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है. इसकी संरचना को इस तरह तैयार किया गया है कि व्यस्त चौराहे पर यातायात को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके. फ्लाईओवर की दूसरी भुजा शुरू होने से मरीमाता की ओर से उज्जैन रोड जाने वाले वाहन चालकों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है.
इंदौर में वाहनों की बढ़ती संख्या और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फ्लाईओवर की दोनों भुजाओं से यातायात शुरू होने के बाद चौराहे पर वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी. इससे वाहन चालकों को बार-बार रुकने की परेशानी से राहत मिलने और यात्रा के समय में कमी आने की संभावना है.
हालांकि, वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यातायात का संचालन किस तरह किया जाता है. इसके लिए संबंधित मार्गों पर संकेतक, यातायात प्रबंधन और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना भी महत्वपूर्ण होगा.
एक भुजा पर जुलाई से चल रहा ट्रायल
फ्लाईओवर की एक भुजा पर 23 जुलाई से ट्रायल के तौर पर यातायात शुरू किया जा चुका है. इस हिस्से के उपयोग से वाहन चालकों को आंशिक सुविधा मिल रही है. अब दूसरी भुजा शुरू होने के बाद परियोजना का लाभ अधिक व्यापक रूप से मिलने की उम्मीद है.
दूसरी भुजा से यातायात शुरू होने पर मरीमाता से उज्जैन रोड की दिशा में जाने वाले वाहन चालकों को विशेष सुविधा मिल सकती है. इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों को चौराहे पर यातायात के दबाव का सामना कम करना पड़ सकता है. इसके अलावा आसपास के मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की संभावना है.
फिलहाल दूसरी भुजा के औपचारिक उद्घाटन की तारीख तय नहीं होने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि नियमित यातायात कब से शुरू होगा. लोकार्पण की नई तारीख घोषित होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
23 मीटर ऊंचाई पर लगी आकर्षक फसाड लाइटिंग
फ्लाईओवर की विशेषताओं में इसकी ऊंचाई और आकर्षक रोशनी की व्यवस्था भी शामिल है. चौराहे के बीच लगभग 23 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबी बो-स्ट्रिंग संरचना बनाई गई है. इस पर फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जो रात के समय अलग-अलग रंगों में चमकेगी.
इस लाइटिंग से फ्लाईओवर की सुंदरता बढ़ने के साथ लवकुश चौराहे को एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है. दिन में इसकी विशाल संरचना और रात में रंगीन रोशनी इसे शहर की प्रमुख निर्माण परियोजनाओं में शामिल कर सकती है.
फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद अब इसके नियमित उपयोग और उद्घाटन की औपचारिकता शेष है. लोकार्पण के बाद परियोजना का पूरा लाभ शहर के यातायात को मिलने की उम्मीद की जा रही है.
यातायात प्रभावित न हो इसलिए रात में किया गया निर्माण कार्य
फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान व्यस्त चौराहे पर यातायात को कम से कम प्रभावित करने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कई चरणों में काम कराया. पियर पर सीमेंट सेगमेंट स्थापित करने का काम मुख्य रूप से रात के समय किया गया, ताकि दिन में गुजरने वाले वाहनों को कम परेशानी हो.
निर्माण प्रक्रिया के दौरान एक महीने में दो स्पान पर सेगमेंट रखने की प्रक्रिया अपनाई गई. इन सेगमेंट को सुपर कॉरिडोर पर तैयार किया गया और फिर वहां से लवकुश चौराहे तक लाकर स्थापित किया गया. सेगमेंट तैयार करने से लेकर उन्हें निर्धारित स्थान पर स्थापित करने तक की प्रक्रिया में लंबा समय लगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन्हें चौराहे पर लाकर लगाने में करीब एक वर्ष लगा.
व्यस्त चौराहे पर इतने बड़े निर्माण कार्य को पूरा करना तकनीकी और यातायात प्रबंधन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा. रात में काम कराने का उद्देश्य निर्माण की गति बनाए रखने के साथ आम लोगों की आवाजाही को यथासंभव सुचारु रखना था.
अब नई तारीख की घोषणा का इंतजार
करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार लवकुश चौराहे के डबल लेयर फ्लाईओवर से शहर के यातायात को बेहतर बनाने की उम्मीद है. इसकी दोनों भुजाओं से आवागमन शुरू होने पर वाहन चालकों को अधिक सुविधा मिल सकती है, खासकर मरीमाता से उज्जैन रोड की दिशा में जाने वालों को.
हालांकि, 28 अक्टूबर को प्रस्तावित लोकार्पण स्थगित होने के बाद अब दीपावली से पहले उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और प्रशासनिक तैयारियों के अनुरूप नई तारीख तय की जाएगी. आधिकारिक घोषणा होने तक फ्लाईओवर की दूसरी भुजा शुरू होने की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-
