इंदौर में कॉलेज एडमिशन के नाम पर ठगी का आरोप, 90 से ज्यादा छात्र परेशान; ₹10 हजार से ₹50 हजार तक वसूली का दावा

इंदौर में कॉलेज एडमिशन के नाम पर ठगी का आरोप, 90 से ज्यादा छात्र परेशान; ₹10 हजार से ₹50 हजार तक वसूली का दावा

प्रेषित समय :17:12:15 PM / Tue, Oct 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर विद्यार्थियों से हजारों रुपये लेने का मामला सामने आया है. जयस छात्र संगठन ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और प्रभावित विद्यार्थियों की रकम व शैक्षणिक दस्तावेज वापस दिलाने की मांग की है. संगठन का दावा है कि 90 से अधिक विद्यार्थी इस मामले से प्रभावित हैं.

विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रवेश पटेल नाम के व्यक्ति को अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन कराने के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक दिए गए. इसके बावजूद उन्हें प्रवेश की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली और कथित तौर पर उनकी रकम भी वापस नहीं की गई.

किसी ने दिए ₹10 हजार तो किसी ने ₹50 हजार

जयस छात्र संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक, विद्यार्थियों ने अलग-अलग रकम का भुगतान किया था. कुछ ने 10 हजार रुपये, तो कुछ ने 30 हजार, 40 हजार और 50 हजार रुपये तक दिए.

संगठन का कहना है कि कई विद्यार्थियों के पास भुगतान की रसीदें, बैंक ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड, बातचीत के मैसेज और एडमिशन से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं. विद्यार्थियों के मुताबिक, इस पूरे मामले के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.

एक महीने पहले तिलक नगर थाने में दिया था आवेदन

संगठन के अनुसार, प्रभावित विद्यार्थियों ने करीब एक महीने पहले तिलक नगर थाने में भी आवेदन दिया था. हालांकि, विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें अब तक कार्रवाई के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिली है.

इसके बाद जयस छात्र संगठन ने पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की. ज्ञापन में विद्यार्थियों के बयान दर्ज करने, पैसों के लेन-देन की जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है.

राशि और शैक्षणिक दस्तावेज लौटाने की मांग

जयस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यार्थियों को राहत दिलाई जाए. यदि जांच में किसी तरह के अपराध की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही विद्यार्थियों की जमा राशि और उनके शैक्षणिक दस्तावेज वापस दिलाने की भी मांग की गई है.

गरीब परिवारों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर

जयस जिला अध्यक्ष लखन बामनिया ने कहा कि प्रभावित विद्यार्थियों में ऐसे परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं, जिनके माता-पिता खेती और मजदूरी करके उनकी शिक्षा का खर्च उठाते हैं. ऐसे में एडमिशन के नाम पर रकम देने के बाद परेशानी का सामना करना विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

संगठन ने उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे.

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-