मोदी कैबिनेट का दिवाली से पहले कर्मचारियों-कारोबारियों को बड़ा तोहफा, डीए के लिए 10,016 करोड़ मंजूर

मोदी कैबिनेट का दिवाली से पहले कर्मचारियों-कारोबारियों को बड़ा तोहफा, डीए के लिए 10,016 करोड़ मंजूर

प्रेषित समय :15:56:04 PM / Wed, Oct 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार 28 अक्टूबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के विकास और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. बैठक में आर्थिक गतिविधियों को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 29,267 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (डीए/डीएआर) के लिए 10,016 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी प्रदान की गई है.

घरेलू लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम हेतु 10,000 करोड़ की राशि मंजूर की गई है. खेल उपकरणों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 1,856 करोड़ का प्रावधान कैबिनेट बैठक में किया गया.

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के लिए 7,395 करोड़ मंजूर

केबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और सशक्तिकरण को गति देने के लिए कैबिनेट बैठक में ग्राम स्वराज योजना के लिए 7,395 करोड़ की स्वीकृति दी गई. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत को लॉजिस्टिक्स और शिपिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई गई इस कंटेनर विनिर्माण योजना को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है. इसमें ब्याज सब्सिडी सहायता, कंटेनरों की गुणवत्ता जांचने के लिए परीक्षण और प्रमाणन सहायता, जमीन के लिए भूमि पट्टे पर लेने के लिए सहायता और फैक्ट्रियों के दैनिक कामकाज के लिए परिचालन व्यय  सहायता शामिल है. मैन्युफैक्चरर्स पर वित्तीय बोझ कम करने के मकसद से सरकार ने कैपेक्स पर विशेष ध्यान दिया है. इसके तहत पूंजीगत व्यय के लिए लिए गए टर्म लोन पर हर साल 3 फीसदी की ब्याज छूट दी जाएगी. इसके लिए सरकार ने 859 करोड़ का खास बजट तय किया है.

घरेलू स्टील को बढ़ावा

स्टील निर्माताओं को विशेष रूप से कंटेनर बनाने लायक उच्च गुणवत्ता वाला स्टील तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना के दम पर भारत बहुत जल्द दुनिया भर में कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-