रांची. झारखंड की राजधानी रांची में शेयर ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 5.09 लाख रुपये की कथित ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है. डोरंडा थाना क्षेत्र के हरिशंकर एंक्लेव के सामने स्थित चंदन भवन निवासी राजेश कुमार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर उनसे 5,00,900 रुपये ट्रांसफर कराए गए. बाद में रकम निकालने के लिए कथित मुनाफे पर 20 लाख रुपये टैक्स जमा करने की मांग की गई.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त रकम देने से इनकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
संजय जयंती वाघेला समेत तीन लोगों पर आरोप
राजेश कुमार, पिता स्वर्गीय देवंदन मेहता, की शिकायत में संजय जयंती वाघेला, संदीप जैन और निखिल समेत कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर उन्हें निवेश के लिए तैयार किया.
शुरुआत में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का दावा किया गया. इसके बाद कथित मुनाफे का स्क्रीनशॉट भेजकर शिकायतकर्ता को और पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया गया. हालांकि, आरोपियों की भूमिका और ठगी से जुड़े दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
नेट बैंकिंग से ट्रांसफर कराए 5,00,900 रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने नेट बैंकिंग के माध्यम से 5,00,900 रुपये संजय जयंती वाघेला के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे. इसके बाद उन्हें निवेश पर मुनाफा होने का कथित स्क्रीनशॉट भेजा गया.
इससे उन्हें रकम पर अधिक लाभ मिलने की उम्मीद हुई. आरोप है कि इसी आधार पर उनसे अतिरिक्त निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा.
रकम निकालने के लिए मांगे 20 लाख रुपये
राजेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी निवेश की गई रकम और कथित मुनाफे को वापस निकालने की कोशिश की, तो उनसे 20 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा करने को कहा गया. इतनी बड़ी रकम की मांग पर उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया.
शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. इस घटनाक्रम के बाद शिकायतकर्ता को अपने निवेश की रकम डूबने की आशंका हुई और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया.
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई शिकायत
मामले से परेशान होकर राजेश कुमार ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों को भी लेनदेन की जानकारी दी.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेनदेन की पड़ताल की जा रही है. पुलिस का उद्देश्य रकम के लेनदेन की कड़ियों का पता लगाना और शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका की जांच करना है.
यह मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली संभावित साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत भी दर्शाता है. निवेशकों को किसी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म के मुनाफे के दावों पर भरोसा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

