8.81 लाख मामले पकड़े, पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में 11.62% की वृद्धि
जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में टिकट जांच अभियानों के जरिए ₹73 करोड़ 39 लाख का राजस्व अर्जित किया है. इस दौरान बिना टिकट, अनियमित टिकट और बिना बुक कराए सामान के साथ यात्रा करने के कुल 8 लाख 81 हजार मामले पकड़े गए. पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में रेलवे को ₹66 करोड़ 35 लाख का राजस्व मिला था. इस तरह राजस्व में 11.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारियों के नेतृत्व में नियमित टिकट जांच अभियान चलाए गए. यात्री ट्रेनों और स्टेशनों पर की गई जांच के साथ रेलवे मजिस्ट्रेट चेकिंग भी की गई. इन अभियानों में पकड़े गए मामलों से अतिरिक्त किराये और जुर्माने के रूप में रेलवे को यह आय हुई.
जबलपुर मंडल सबसे आगे
चालू वित्तीय वर्ष के छह महीनों में मुख्यालय और तीनों मंडलों में टिकट जांच से प्राप्त राजस्व का विवरण इस प्रकार है:
मुख्यालय सीसीएम स्क्वाड: 15 हजार मामले पकड़े गए, जिनसे ₹1 करोड़ 12 लाख का राजस्व मिला.
जबलपुर मंडल: 4 लाख 2 हजार मामलों से ₹35 करोड़ 19 लाख की आय हुई.
भोपाल मंडल: 2 लाख 93 हजार मामलों से ₹22 करोड़ 74 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ.
कोटा मंडल: 1 लाख 71 हजार मामलों से ₹14 करोड़ 34 लाख की आय हुई.
आंकड़ों के अनुसार, टिकट जांच से राजस्व अर्जित करने में जबलपुर मंडल सबसे आगे रहा. मंडल में सबसे अधिक मामले पकड़े गए और सर्वाधिक राजस्व प्राप्त हुआ.
वैध टिकट लेकर यात्रा करने की अपील
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान असुविधा और जुर्माने से बचने के लिए उचित एवं वैध टिकट लेकर ही सफर करें. यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे का वाणिज्य विभाग रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के समन्वय से टिकट जांच अभियान लगातार जारी रखेगा.

