जबलपुर. पश्चिम मध्य रेल द्वारा यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है. इसी क्रम में 24 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच कोटा, जबलपुर और भोपाल मंडलों में पेयजल के नमूनों का परीक्षण किया गया. जांच में सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए.
इस दौरान अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) के कुल 1,583 नमूनों की जांच की गई. वहीं, जीवाणु विश्लेषण के तहत 144 नमूनों का परीक्षण किया गया. राहत की बात यह रही कि सभी 1,727 नमूने फिट पाए गए. किसी भी नमूने में गुणवत्ता संबंधी खामी नहीं मिली.
मंडलवार आंकड़ों के अनुसार, कोटा मंडल में अवशिष्ट क्लोरीन के 529 और जीवाणु विश्लेषण के 45 नमूनों की जांच हुई. जबलपुर मंडल में क्रमशः 550 और 63 तथा भोपाल मंडल में 504 और 36 नमूनों का परीक्षण किया गया. तीनों मंडलों में सभी नमूने जांच में सही पाए गए.
पश्चिम मध्य रेल प्रशासन के अनुसार, यात्रियों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. इसके लिए तीनों मंडलों में जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और परीक्षण की व्यवस्था जारी है.
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