जबलपुर. मोबाइल फोन आज बैंकिंग से लेकर कारोबार तक का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, लेकिन यही सुविधा साइबर ठगों के लिए धोखाधड़ी का रास्ता भी बनती जा रही है. जबलपुर में मोबाइल फोन हैक कर दो कारोबारियों के बैंक खातों से कुल 2 लाख 33 हजार 60 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने के मामले सामने आए हैं. एक जनरल स्टोर संचालक के खाते से 1 लाख 95 हजार 60 रुपये और एम्ब्रायडरी कारखाना संचालक के खाते से 38 हजार रुपये निकाल लिए गए. दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मोबाइल की सुरक्षा में सेंध से बैंक खाते तक पहुंचे ठग
पहला मामला बेलबाग क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, बेलबाग पुलिस क्वार्टर के पास रहने वाले किशन विश्वकर्मा (50) जनरल स्टोर संचालित करते हैं. उनका बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की जवाहरगंज शाखा में है. 20 अक्टूबर को उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया. इसके बाद जालसाजों ने बैंक खाते से 1 लाख 95 हजार 60 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए.
किशन को जब खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की. इतनी बड़ी राशि निकलने से उनके सामने आर्थिक नुकसान की चुनौती खड़ी हो गई. बेलबाग पुलिस ने बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है.
एम्ब्रायडरी कारोबारी के खाते से भी निकले 38 हजार
साइबर ठगी का दूसरा मामला गोहलपुर थाना क्षेत्र के अमखेरा का है. यहां रहने वाले बालेन्द्र पटेल (36) एम्ब्रायडरी का कारखाना संचालित करते हैं. उनका बैंक खाता विजय नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक में है. खाते से मोबाइल नंबर लिंक था.
पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने मोबाइल फोन हैक कर बैंक खाते से 38 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए. पीड़ित की शिकायत पर गोहलपुर पुलिस ने बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
अलग-अलग कारोबार, ठगी का तरीका एक जैसा
दोनों घटनाओं में सबसे महत्वपूर्ण समानता मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खातों तक पहुंच बनाने की है. दोनों पीड़ित कारोबारी हैं और उनके खाते से रकम दूसरे बैंक खातों में भेजी गई. हालांकि, पुलिस जांच में अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों मामलों में एक ही गिरोह सक्रिय था या अलग-अलग साइबर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया.
जिस खाते में पहुंची रकम, उसकी पड़ताल
पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई. खाताधारकों की पहचान, लेनदेन का विवरण और डिजिटल साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे. जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन माध्यमों से निकाली गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं.
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं मोबाइल बैंकिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं. मोबाइल में आने वाले संदिग्ध लिंक, अनजान एप और अनधिकृत एक्सेस से बचना जरूरी है. फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और आरोपितों की पहचान होना बाकी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

