ट्रांसमिशन लाइनों पास निर्माण का मामला, एमपी एमपी ट्रांसको ने जारी किए 3610 नोटिस जारी

 ट्रांसमिशन लाइनों पास निर्माण का मामला, एमपी एमपी ट्रांसको ने जारी किए 3610 नोटिस जारी

प्रेषित समय :20:07:41 PM / Mon, Nov 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर


जबलपुर । एमपी के जबलपुर में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद अब जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में भी ऐसे निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी है। एमपी ट्रांसको ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर  3610 से ज्यादा नोटिस जारी किये हैं।
                  जहा  तीन प्रमुख 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में नियम विरुद्ध निर्माण के संबंध में अब तक 853 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाकर संबंधित निर्माणकर्ताओं को विद्युत सुरक्षा मानकों की जानकारी भी देगी। एमपी ट्रांसको भोपाल के अधीक्षण अभियंता श्री सुधीर नेमा ने बताया कि भोपाल-गोविंदपुरा से बैरागढ़ टैप-लालघाटी, भोपाल-आईटी पार्क और भोपाल-अमरावती खुर्द 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण सामने आए हैं। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, करोंद, नारियलखेड़ा, देवकीनंदन नगर, बैरागढ़, आनंद नगर, जैन कॉलोनी, कलियासोत और रतनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में शहरी विस्तार के कारण विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन की चुनौती बढ़ी है।
-हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगी कार्रवाई-
जबलपुर में प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण की अनुमति दिए जाने के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने ऊर्जा एवं नगरीय विकास विभाग के अपर मुख्य सचिवों सहित 10 अधिकारियों से जवाब मांगा है। इसी मामले में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप भोपाल में भी प्रतिबंधित कॉरिडोर में हुए निर्माणों के संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एमपी ट्रांसको ने नागरिकों से ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण नहीं करने की अपील की है। निर्धारित मानकों के अनुसार 132 केवी लाइन के दोनों ओर 27 मीटर और 220 केवी लाइन के दोनों ओर 35 मीटर का सुरक्षा कॉरिडोर निर्धारित है। इसमें नियम विरुद्ध निर्माण से जानलेवा विद्युत दुर्घटनाओं के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-