नई दिल्ली. अमेरिका की राजनीति में अब्दुल अल-सयद की जीत को लेकर भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उनकी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़ दिया है. ओवैसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अब यूपी के अब्दुल को भी अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करने की जरूरत है. उनका बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है.
ओवैसी बोले- अब दरी नहीं बिछाएंगे
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अब्दुल अल-सयद की जीत को लेकर पोस्ट साझा की. उन्होंने लिखा, "एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी."
ओवैसी ने आगे कहा कि 'अब्दुल' शब्द को तंज के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की गई है. उन्होंने लिखा कि अब वक्त आ गया है जब अपनी राजनीतिक पहचान और अधिकारों को मजबूत किया जाए. इसी क्रम में उन्होंने कहा, "अब दरी नहीं बिछाएंगे."
ओवैसी के इस बयान को उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है.
कौन हैं अब्दुल अल-सयद?
अब्दुल अल-सयद अमेरिकी राजनीति में उभरते हुए डेमोक्रेटिक नेता हैं. उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने रोड्स स्कॉलर के रूप में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है.
उनका चुनावी अभियान मुख्य रूप से आम लोगों की आर्थिक चुनौतियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहा. उन्होंने सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की नीति यानी मेडिकेयर फॉर ऑल का समर्थन किया. इसके अलावा इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता समाप्त करने और चुनावी फंडिंग व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे भी उनके एजेंडे में शामिल रहे.
पहले भी लड़ चुके हैं गवर्नर पद का चुनाव
अब्दुल अल-सयद इससे पहले 2018 में मिशिगन के गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी में चुनाव लड़ चुके हैं. उस मुकाबले में उन्हें ग्रेचेन व्हिटमर से हार का सामना करना पड़ा था.
इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाई. इस दौरान पॉडकास्ट, लेखन और मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे. अब उनकी चुनावी वापसी ने उन्हें एक बार फिर अमेरिकी राजनीति के केंद्र में ला दिया है.
यूपी की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है ओवैसी का बयान?
ओवैसी ने अब्दुल अल-सयद की जीत के बहाने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया है. उनके बयान में मुस्लिम समाज से अपनी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की अपील दिखाई देती है.
इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व और चुनावी रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू हो सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

