जबलपुर. एमपी के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट पर आज दोपहर अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सुरक्षा एजेंसियों को टर्मिनल पर एक संदिग्ध बैग में बम होने की सूचना मिली. जानकारी लगते ही पुलिस और कंट्रोल रूम से भी अमला बुलाकर फौरन सर्चिंग की गई. कुछ ही देर में जब अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए की गई एक 'मॉक ड्रिलÓ थी, तब जाकर एयरपोर्ट कर्मचारियों और यात्रियों ने राहत की सांस ली.
बताया गया है कि दोपहर एक बजे एयरपोर्ट कंट्रोल रूम को टर्मिनल एरिया में एक लावारिस बैग मिलने का आपातकालीन मैसेज मिला. सूचना मिलते ही सीआईएसएफ (ष्टढ्ढस्स्न), एयरपोर्ट अथॉरिटी,खमरिया थाना पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम का बल और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत मोर्चा संभाला. एयरपोर्ट से यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले जाया गया और इलाके को घेरबंदी कर अंदर और बाहर के रास्ते सहित एयरपोर्ट को खंगाला गया. डॉग्स की मदद से संदिग्ध बैग की पहचान एयरपोर्ट के अंदर की गई.
बम निरोधक दस्ते ने अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए बैग को डिफ्यूजिंग करते हुए बाहर रखे कंटेनर में डाला. सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद दोपहर 2:50 बजे स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर ऑल क्लियर का सिग्नल दिया गया. एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड के बीच आपसी तालमेल और क्विक रिस्पॉन्स टाइम को परखना था
माक ड्रिल थी-
सीएसपी सतीष कुमार साहू ने बताया कि बीटीआरसी (बम थ्रेट रिव्यू कंपनी) की समय-समय पर बैठक होती है, जिसमें कि सुरक्षा के मद्दनेजर तैयारियां का जायजा लिया जाता है. बैठक मे तय किया गया कि आज रिस्पांस देखने के लिए माकड्रिल करवाई जाएगी. तय समय के अनुसार दोपहर को आचानक मैसेज किया गया, जैसा कि वास्तविक परिस्थित में होता है. माक ड्रिल करने का उद्देश्य यह था कि अगर कभी इस तरह की कोई घटना हो जाती है, तो कितनी तेजी से सीआपीएफ,पुलिस और बीडीएस की टीम मौके पर पहुंचकर एक्शन लेती है.

