पीएम मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ मनाई दिवाली, नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

पीएम मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ मनाई दिवाली, नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

प्रेषित समय :13:58:34 PM / Sun, Nov 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बस्तर/नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई. जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2026 की दिवाली बेहद खास है. 40-50 साल बाद देश ऐसी दिवाली मना रहा है, जब नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों से जारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के बलिदान, समर्पण और सेवा भाव के लिए आभार व्यक्त करने आए हैं. उन्होंने कहा कि किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर बाहरी दुश्मन भी सफल नहीं हो सकते. सीमाओं पर सशस्त्र बल जिस तरह देश की रक्षा करते हैं, उसी तरह सुरक्षाकर्मी देश के भीतर सुरक्षा और एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने जवानों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश को उनकी सेवा पर गर्व है. प्रधानमंत्री ने देशभर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं.

देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त : मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है और करोड़ों लोगों ने नक्सलवाद के भय से मुक्ति पाई है. उन्होंने इसे असाधारण उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय सुरक्षाबलों के लाखों जवानों और महिला कर्मियों को दिया. उन्होंने कहा कि इसी उपलब्धि का सम्मान करने और जवानों के साथ त्योहार मनाने वे बस्तर पहुंचे हैं.

'दिमागी नक्सलियों' से भी सतर्क रहने की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलियों का जंगलों से सफाया हुआ है, लेकिन खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'दिमागी नक्सलियों' ने कई संगठनों में जगह बना ली है और वे अब भी लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें परास्त करना जरूरी है.

पिछली सरकारों ने सुरक्षाबलों के हाथ बांधे रखे : मोदी

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान जमीन पर संघर्ष कर रहे सुरक्षाकर्मियों को खुलकर कार्रवाई करने की आजादी नहीं थी. उनकी सरकार ने सुरक्षा बलों को जरूरी फैसले लेने की स्वतंत्रता दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था के भीतर से मिलने वाले कथित समर्थन पर भी रोक लगाने का प्रयास किया और संवेदनशीलता के साथ माओवादी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की. साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और लोगों का जीवन बदलने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री के मुताबिक, इसी का परिणाम है कि नक्सलवाद से प्रभावित लोग भी अब सरकार और सुरक्षाबलों के साथ मजबूती से खड़े हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-