#Sunday श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया: 25 अगस्त 2024

#Sunday श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया: 25 अगस्त 2024

प्रेषित समय :19:58:42 PM / Sat, Aug 24th, 2024
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पल-पल इंडिया (व्हाट्सएप- 8302755688)
श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग-चौघड़िया 25 अगस्त 2024 इस प्रकार है....
* शक संवत 1946, विक्रम संवत 2081
* अमांत महीना श्रावण, पूर्णिमांत महीना भाद्रपद
* वार रविवार, पक्ष कृष्ण, तिथि सप्तमी - 03:39, (26 अगस्त 2024) तक, नक्षत्र भरणी - 16:45 तक, योग ध्रुव - 00:29, (26 अगस्त 2024) तक, करण विष्टि - 16:30 तक, द्वितीय करण बव - 03:39, (26 अगस्त 2024) तक
* सूर्य राशि सिंह, चन्द्र राशि मेष - 22:29 तक
* राहुकाल 17:21 से 18:56
* अभिजीत मुहूर्त 12:09 से 13:00
रविवार चौघड़िया 25 अगस्त 2024 
* दिन का चौघड़िया

उद्वेग - 06:12 से 07:47
चर - 07:47 से 09:23
लाभ - 09:23 से 10:58
अमृत - 10:58 से 12:34
काल - 12:34 से 14:10
शुभ - 14:10 से 15:45
रोग - 15:45 से 17:21
उद्वेग - 17:21 से 18:56
* रात्रि का चौघड़िया
शुभ - 18:56 से 20:21
अमृत - 20:21 से 21:45
चर - 21:45 से 23:10
रोग - 23:10 से 00:34
काल - 00:34 से 01:59
लाभ - 01:59 से 03:23
उद्वेग - 03:23 से 04:48
शुभ - 04:48 से 06:12
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का दिन....
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Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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