अरबी के कबाब को व्रत में खाया जा सकता है, क्योंकि इसमें सेंधा नमक और सिंघाड़े या कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। व्रत के अरबी कबाब बनाना आसान है और इन्हें घी या मूंगफली के तेल में तल कर तैयार किया जाता है, जिससे ये हल्के और स्वादिष्ट बनते हैं। अरबी के कबाब न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि वे व्रत के दौरान आपके शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करने में मदद करते हैं।
सामग्री
अरबी- 250 ग्राम
सिंघाड़े का आटा- 2 बड़े चम्मच
हरी मिर्च- 2
अदरक- 1 चम्मच
सेंधा नमक- 1 चम्मच
काली मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच
नींबू का रस- 2 चम्मच
हरा धनिया- 1 चम्मच
मूंगफली का तेल- जरूरत के हिसाब से
विधि- सबसे पहले ऊपर बताई गई सामग्रियों को तैयार करके रख लें। फिर एक बाउल में अरबी को निकालें और छिलके उतारकर अच्छी तरह से धो लें। धोने के बाद एक बाउल में पानी डालकर उबालने के लिए रख दें। फिर इसे अच्छी तरह से मैश कर लें, ताकि इसमें कोई गुठली न रहे। मैश की हुई अरबी में सिंघाड़े या कुट्टू का आटा, हरी मिर्च, अदरक, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर, नींबू का रस और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। यह मिश्रण कबाब के लिए तैयार होना चाहिए।
मिश्रण से छोटे-छोटे गोल आकार के कबाब बना लें। आप चाहें तो इन्हें तिकोन या चपटे आकार में भी बना सकते हैं। एक पैन में घी या मूंगफली का तेल गर्म करें। फिर कबाब को धीमी आंच पर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें। इसे ज्यादा तेज आंच पर न तलें, ताकि ये अंदर से भी अच्छी तरह से पक जाएं। बस आपके कबाब तैयार हैं, जिसे गर्मा-गर्म हरी चटनी या दही के साथ परोसें। ये कबाब व्रत में खाने के लिए बेहतरीन होते हैं और स्वाद में भी लाजवाब हैं।
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