चंडीगढ. पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ भगवंत मान सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है. पंजाब सरकार ने जमीन रजिस्ट्री को लेकर कहा कि किसी भी तरह की रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) ने राज्य के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिखकर सख्त निर्देश जारी किए हैं.
इस संबंध में सख्त कदम उठाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसके चलते भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. सरकार ने जनता से सहयोग की मांग करते हुए अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस विभाग को की जाए. रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) ने राज्य के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र लिखकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. पंजाब सरकार ने सख्त शब्दों में कहा है कि जमीन रजिस्ट्री को लेकर किसी भी तरह की रिश्वतखोरी बर्दाशत नहीं की जाएगी. अगर ऐसा नहीं हुआ तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा. वहीं, सरकार ने यह निर्णय भी लिया है कि पंजाब की जनता और विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा. भ्रष्टाचार को रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम अहम माना जा रहा है.
जमीन रजिस्ट्री में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा
बता दें कि पिछले साल भगवंत मान सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हुए प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की शर्त को समाप्त कर दी थी. 'पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) एक्ट-2024Ó को सर्वसम्मति से लाया गया था. इसके तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले माफियाओं के खिलाफ अब सख्त एक्शन लिया जाएगा. इस संशोधन का मकसद जहां अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसना है, वहीं छोटे प्लॉट मालिकों को राहत देना है.
बता दें कि पिछले दिनों मान सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त भी किया है. दरअसल, सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि अगर वह अपने एरिया में करप्शन पर कंट्रोल पाने में नाकामयाब हुए तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा. इससे पहले भी पंजाब में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं. करप्शन से निपटने के लिए एक व्हॉट्सएप नंबर भी जारी किया गया था, ताकि आम जनता शिकायत कर सके. यह नंबर जारी होने के बाद करप्शन के कई केस सामने आए और गिरफ्तारियां भी हुईं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-