MP: SUSK INDIA कंपनी ने हड़पे निवेशको के करोड़ों रुपए, ईओडल्यू ने 9 के खिलाफ दर्ज किया प्रकरण

MP: SUSK INDIA कंपनी ने हड़पे निवेशको के करोड़ों रुपए

प्रेषित समय :18:38:29 PM / Sat, Mar 1st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पलपल संवाददाता, उज्जैन/भोपाल. एमपी के उज्जैन में चिडफंड कंपनी SUSK INDIA लिमिटेड ने ग्राहकों को चैन सिस्टम से रुपए बढ़ाने का लालच देकर करोड़ों रुपए हड़प लिए. कंपनी के पदाधिकारियों द्वारा हजारों लोगों को प्रलोभन छत्तीसगढ़, राजस्थान व अन्य राज्यों में इसी तरह का करोड़ों रुपए का घोटाला किया है. इस मामले की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध अंवेषण ब्यूरो (EOW) ने 8 अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.

EOW के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में कैलाश लोधी ने SUSK INDIA लिमिटेड नाम की एक चिटफंड कंपनी वर्ष 2011 से 2016 की अवधि में स्थापना की. जिसमें करीब 300 से अधिक लोगों को सदस्य बनाकर कंपनी में निवेश कराया. यहां तक कि आमजन के डेढ़ करोड़ रुपए एकत्र किए. यहां तक कि कैलाश लोधी ने छत्तीसगढ़ व राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी करोड़ों रुपए हड़प लिए.

उक्त राशि कंपनी के पदाधिकारियों ने एजेंट के माध्यम से रियल इस्टेट, फिल्मस्, डेव्हलपर, प्रापर्टी, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स, कंस्ट्रशन, फार्म, डेयरी, फैक्टरी, सोसायटी, पेस्ट कंट्रोल सर्विसेस, होटल इत्यादि में निवेश के जरिए प्राप्त की. यहां तक कि रुपए पाने के लिए SUSK INDIA कंपनी लिमिटेड द्वारा पॉलिसी बॉड जारी किए. मेच्योरिटी अवधि पूर्ण होने पर निवेशित राशि से कई गुना अधिक राशि भुगतान किए जाने का प्रलोभन दिया. मेच्योरिटी अवधि पूर्ण होने पर भी निवेशकों को भुगतान नहीं किया गया है.

जब निवेशकों ने कंपनी के पदाधिकारियों ने संपर्क किया तो पहले आश्वासन दिया जाता रहा कि अपनी राशि प्रापर्टी सहित अन्य प्रोजक्ट में निवेश की गई है, जल्द ही संपत्तियों के बेचने के बाद ब्याज सहित रुपया वापस किया जाएगा. निवेशकों का रुपया तो वापस नहीं मिला बल्कि वर्ष 2016 में कंपनी बंद कर पदाधिकारी भाग गए.

इस मामले की शिकायत मिलने पर EOW ने जांच करते हुए SUSK INDIA लिमिटेड के मालिक/डायरेक्टर कैलाश लोधी, नरेन्द्रसिंह लोधी, भागवतीबाई, अनिलसिंह लोधी, HR मैनेजर फतेह सिंह, महाप्रबंधक अमित जैन, एमडी शाकिर खान, डायरेक्टर सुनील कुमारी तिवारी सहित अन्य के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में धारा 406, 420, 120-बी भादवि व मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6 (1) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-