आज का दिनः सोमवार, 31 मार्च 2025, भूमि, ऋण मुक्ति और पदोन्नति चाहिए तो देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें!

आज का दिनः सोमवार, 31 मार्च 2025, भूमि, ऋण मुक्ति और पदोन्नति चाहिए तो देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें!

प्रेषित समय :20:51:15 PM / Sun, Mar 30th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* नवरात्रि का  दूसरा दिन, 31 मार्च 2025, सोमवार, द्वितीया, ब्रह्मचारिणी पूजा, चंद्रघंटा पूजा
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्.
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शङ्करप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी.
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥

* देवी त्रिपुरा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी का द्वितीय स्वरूप- देवी ब्रह्मचारिणी हैं, जिनकी हर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर पूजा-अर्चना की जाती है.  
* क्योंकि, देवी ब्रह्मचारिणी ने शिवजी के लिए केवल फल-फूल-पत्ते खाकर घोर तपस्या की थी, इसलिए जो श्रद्धालु तपस्या में मनोबल बनाए रखना चाहते हैं, वे देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें.
* देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना से मंगल ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है, इसलिए जिनकी कुंडली में मंगल दोष है, जिनकी राशि मेष या वृश्चिक है, उन्हें देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* भूमि प्राप्ति, ऋण मुक्ति, रक्त रोग मुक्ति और पदोन्नति के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.
* जिन श्रद्धालुओं के रक्त संबंधियों से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
* देवी ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है.
* इस अवसर पर ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है जिनकी सगाई हो गई है, लेकिन शुभ-विवाह नहीं हुआ है.

* मनोकामना पूर्ण करने के लिए संकल्प लेकर हर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को व्रत करें और देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.

भौतिक सुख- वाहन, मकान आदि चाहिए तो देवी चन्द्रघंटा की आराधना करें! 
आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्तिः शुभपराम्.

अणिमादि सिद्धिदात्री चन्द्रघण्टे प्रणमाम्यहम्॥
चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टम् मन्त्र स्वरूपिणीम्.
धनदात्री, आनन्ददात्री चन्द्रघण्टे प्रणमाम्यहम्॥
नानारूपधारिणी इच्छामयी ऐश्वर्यदायिनीम्.
सौभाग्यारोग्यदायिनी चन्द्रघण्टे प्रणमाम्यहम्॥

भावार्थ....
क्योंकि देवी ही प्रथम शक्ति है, परम शुभ है, विपत्ति से बचाने वाली है.
मैं अणिमा से आरंभ करते हुए पूर्णता प्रदान करने वाली चंद्रघंटा को नमस्कार करता हूं.
चन्द्रमुखी, अभीष्ट की दाता, अभीष्ट मन्त्र का अवतार....
मैं धन और आनंद प्रदान करने वाली चंद्रघंटा को नमस्कार करता हूं.
वह अनेक रूप धारण कर कामनाओं से परिपूर्ण तथा धन देने वाली है.
मैं सौभाग्य और आरोग्य प्रदान करने वाली चंद्रघंटा को नमस्कार करता हूं!
देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप चंद्रघंटा है. देवी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होने के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है.
देवी चंद्रघंटा के दस हाथ हैं जिनमें इन्होंने शंख, कमल, धनुष-बाण, तलवार, कमंडल, त्रिशूल, गदा आदि शस्त्र धारण कर रखे हैं. सिंह पर सवार देवी चंद्रघंटा का युद्ध के लिए सुसज्जित स्वरूप है.  
देवी चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना से शुक्र ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है इसलिए वृष-तुला राशि वालों को देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है. जिन श्रद्धालुओं की शुक्र की दशा-अंतर्दशा चल रही हो उन्हें भी देवी चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
भौतिक सुख- वाहन, मकान आदि की कामना रखने वाले श्रद्धालुओं को देवी चंद्रघंटा की आराधना करनी चाहिए.
जिन श्रद्धालुओं के पत्नी से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी चंद्रघंटा की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
जिन श्रद्धालुओं को ऊपरी बाधा की परेशानी हो उन्हें देवी चंद्रघंटा की आराधना करनी चाहिए, राहत मिलेगी!

श्री त्रिपुरा सुंदरी धर्म-कर्म पंचांग : 31 मार्च 2025
शक सम्वत 1947, विक्रम सम्वत 2082, अमान्त महीना चैत्र, पूर्णिमान्त महीना चैत्र, वार सोमवार, पक्ष शुक्ल, तिथि द्वितीया - 09:11 तक, क्षय तिथि तृतीया - 05:42, (1 अप्रैल 2025) तक, नक्षत्र अश्विनी - 13:45 तक, योग वैधृति - 13:46 तक, करण कौलव - 09:11 तक, द्वितीय करण तैतिल - 19:24 तक, क्षय करण गर - 05:42, (1 अप्रैल 2025) तक, सूर्य राशि मीन, चन्द्र राशि मेष, राहुकाल 07:58 से 09:31, अभिजित मुहूर्त 12:12 से 13:01
सोमवार चौघड़िया- 31 मार्च 2025, 
दिन का चौघड़िया

अमृत - 06:25 से 07:58
काल - 07:58 से 09:31
शुभ - 09:31 से 11:04
रोग - 11:04 से 12:36
उद्वेग - 12:36 से 14:09
चर - 14:09 से 15:42
लाभ - 15:42 से 17:15
अमृत - 17:15 से 18:48
रात्रि का चौघड़िया
चर - 18:48 से 20:15
रोग - 20:15 से 21:42
काल - 21:42 से 23:09
लाभ - 23:09 से 00:36
उद्वेग - 00:36 से 02:03
शुभ - 02:03 से 03:30
अमृत - 03:30 से 04:57
चर - 04:57 से 06:24
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का राशिफल -
मेष राशि:- आज  अचल संपती के मामले में अडचनें आयेंगी, मिलन हर्षप्रद रहेगा, संतान की उन्नती से मन प्रसन्न होगा, मित्रों के द्वारा धोखे के योग हैं, संतान को बिशेष उन्नती के योग बनते हैं.

वृष राशि:- आज दाम्पत्य जीवन में तनाव की स्थिती रहेगी, मन प्रफुल्लित रहेगा, दाम्पत्य जीवन में सुख शांती के योग बनते हैं, भाईयों के द्वारा घात किया जा सकता है जबकि उपर से प्रेम प्रतीत होगा.

मिथुन राशि:- आज शत्रु के कारण परेशानी रहेगी, विलासिता के पीछे धन ब्यय होंगे, संतान को कष्ट हो सकता है, दिनचर्या मस्त मस्त ब्यतित होगा, कुटुंब के कारण परेशानी होगी, पराक्रम के कारण लाभ प्राप्त होगा.

कर्क राशि:- आज अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र में बाधा आयेंगी, किये गये कार्य में सफलता मिलेगी, दिनचर्या मलीन रहेगा, भाईयों के साथ संबंधों में सुधार आयेगी, जमीन मकान के कार्यों में बाधा होगी.

सिंह राशि:- आज  मकान जमीन के क्षेत्र में परेशानी आयेगी, कर्म क्षेत्र में सम्मान बढेगा, जोशो खरोश के साथ दिन ब्यतित होगा, भाग्योन्नती के मार्ग में रुकावटों का सामना करना पडेगा, बिद्य¨पार्जन के क्षेत्र में बिशेष लाभ प्राप्त होगा.

कन्या राशि:- आज भाईयों के साथ अनबन की स्थिती रहेगी, धार्मिक कृत्य संपन्न होंगे, चतुराई से लिये गये कदम सफलता दिलायेगी, निवेश के द्वारा लाभ प्राप्ति के योग हैं, माता के द्वारा लाभ मिलेगा.

तुला राशि:- आज  संचित धन का सदुपयोग होगा, पैत्रिक संपती के मामले में उन्नती होगी, अडचनों के पश्चात मंजिल प्राप्त किया जा सकता है, दाम्पत्य जीवन में कटुता का योग बनता है, धार्मिक यात्रा के योग बनते हैं.

वृश्चिक राशि:- आज  मन में अवसाद का भाव रहेगा, प्रेम प्रणय के क्षेत्र में उन्नती होगी, गुस्से को नियंत्रण में रखना आवश्यक है, संपती संबधी क्षेत्र में रुके हुवे कार्य संपन्न होंगे, मौसमी बिमारी की चपेट में आ सकते हैं.

धनु  राशि:- आज अनावशयक खर्च के कारण परेशानी रहेगी, ऋण भार से मुक्ति मिलेगी, धार्मिक गतिविधियों के बीच दिन ब्यतित होगा, प्रेम के मामले में उन्नती होगी, वाहानादि से सावधान रहें, भाग्योन्नती के प्रबल अवसर हैं.

मकर राशि:- आज  लाभ के बजाय हानी हाथ लगेगी, संतान को कष्ट सहना पडेगा, पत्नी को शारीरिक कष्ट के योग हैं, आयुष्य लाभ मिलेगा, शत्रु से मित्रता के योग बनते हैं, नौकरी में उन्नती परन्तु कष्टप्रद  स्थानांतरण के भे योग हैं.

कुम्भ राशि:- आज नौकरी के क्षेत्र में बदनामी हो सकती है, पिता के द्वारा लाभ प्राप्त होगा, दैनिक रोजगार के क्षेत्र में बिशेष लाभ मिलेंगे, शत्रु के कारण परेशानी बढेगी, अध्ययन के क्षेत्र में लाभ मिलेगा.

मीन राशि:- आज आध्यात्मिक अवनती के योग बनते हैं, पराक्रम के कारण सफलता हाथ लगेगी, चतुराई के कारण ब्यापार में लाभ मिलेगा, दुर्घटना से सावधान रहें, कर्मक्षेत्र में उन्नती के योग बनते हैं.
 * आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)  वाट्सएप नम्बर 7879372913
* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

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