UP में स्वतंत्रता सेनानी की जमीन के नीचे मिला विशाल तेल का भंडार, ओएनजीसी ने लगाई मुहर

UP में स्वतंत्रता सेनानी की जमीन के नीचे मिला विशाल तेल का भंडार, ओएनजीसी ने लगाई मुहर

प्रेषित समय :12:58:21 PM / Mon, Mar 31st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश पिछले कई दिनों से चर्चा में है. यूपी में तेल का भंडार मिलने की खबरें आ रही थी. वहीं अब ओएनजीसी ने इन खबरों पर मुहर लगा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे की जमीन के नीचे भारी मात्रा में तेल का भंडार मिला है. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) ने इस खोज की पुष्टि कर दी है. यह जमीन यूपी के बलिया में है.

बलिया के सागरपाली गांव में गंगा नदी बेसिन के आसपास पिछले 3 महीने से सर्वे चल रहा था. जमीन के नीचे लगभग 3,000 फीट की गहराई पर तेल का भंडार मिला है. ताजा जानकारी के मुताबिक सागरपाली गांव से प्रयागराज के फाफामऊ तक लगभग 300 किलोमीटर के क्षेत्रफल में यह कच्चा तेल मौजूद है.

चित्तू पांडे की जमीन से निकला तेल

ओएनजीसी काफी समय से इस इलाके में कच्चे तेल की खोज कर रही थी. इसके लिए कंपनी ने कई स्थानीय किसानों से जमीन लीज पर ली थी. इस लिस्ट में चित्तू पांडे का नाम भी शामिल है. उनके परिवार से साढ़े छह एकड़ तक की जमीन लीज पर ली गई है. इसके लिए ओएनजीसी हर साल चित्तू पांडे के परिवार को 10 लाख रुपए किराया देगी.

कैसे हुई खुदाई?

ओएनजीसी के अधिकारियों की मानें तो तेल का भंडार खोजने के लिए कंपनी ने 3000 फीट गहरी खुदाई की, जिसमें रोज 25,000 लीटर पानी का इस्तेमाल होता था. यह खुदाई अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है. कंपनी 300 किलोमीटर के क्षेत्रफल में खुदाई करेगी. यह प्रोजेक्ट बलिया से फाफामऊ तक होगा. वहीं तेल का भंडार मिलने से बड़ी संख्या में किसानों को फायदा होने वाला है.

किसानों को होगा फायदा

चित्तू पांडे के वंशज नीत पांडे का कहना है कि ओएनजीसी ने 10 लाख रुपए की सालाना डील पर उनकी जमीन 3 साल के लिए लीज पर ली है. बाद में इसे एक साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है. अगर इस इलाके में सचमुच तेल का भंडार मिलता है, तो आसपास की जमीनें काफी महंगी हो जाएंगी, जिससे स्थानीय किसानों को ही फायदा होगा.

प्रयागराज तक होगी खुदाई

बता दें कि अप्रैल 2021 तक भारत के पास 587.335 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का भंडार था. इनमें से ज्यादातर ऑयल रिजर्व पश्चिमी तट, गुजरात और असम में है. वहीं अब बलिया में तेल मिलने से न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि देश को भी काफी फायदा होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-