नई दिल्ली. ताइवान में गर्भवती महिला को लेकर हुए रसम ने सभी के रौंगटे खड़े कर दिए. जहां, धर्मस्थल में अनुष्ठान के नाम पर गर्भवती महिला के पैरों के बीच पटाखे चला दिए. जिसके बाद महिला घायल हो गई यहां तक कि उसका गर्भपात भी हो गया है.
कियू नाम की एक नर्स को धर्म स्थल में काम करने वाले स्टाफ के एक सदस्य झांग ने अनुष्ठान में शामिल होने के लिए बुलाया था. इसके तहत झांग ने महिला को जूते उतारने और पैर फैलाने के लिए कहा. इसके बाद उनके दोनों पैरों के पास पटाखे रख दिए गए. स्टाफ के एक अन्य सदस्य ने उनमें आग लगा दी.
रिपोर्ट के अनुसार, पटाखों के चलते कियू का शरीर 30 फीसदी तक जल गया और उनका गर्भपात हो गया. वहीं, सर्जरी के बाद भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकी हैं. इस घटना के बाद कियू ने झांग और वू पर केस कर दिया और मुआवजे में 53 हजार अमेरिकी डॉलर मांगे. अब झांग और वू भी इस घटना को स्वीकर कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने मुआवजा राशि पर सवाल उठाए हैं.
कोर्ट ने दोनों स्टाफ सदस्यों को जिम्मेदार माना है और 30 हजार अमेरिकी डॉलर देने के आदेश दिए हैं. साथ ही मियाओली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज ने कियू की 140 डॉलर के मेडिकल खर्च, 7200 डॉलर रहने में और 8000 डॉलर की आय का नुकसान स्वीकार किया है. कोर्ट ने भावनात्मक दुख के लिए 14 हजार डॉलर देने की बात कही है.