सोलन. देशभर में बनी 103 दवाओं के सैंपल फेल साबित हुए है. जिसमें से 38 दवाईयां हिमाचल में बनी है. जिसको लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) व स्टेट ड्रग अथॉरिटी ने ड्रग अलर्ट जारी किया.
इन दवाईयों में से सर्दी, खांसी, जुकाम, एलर्जी व दर्द निवारण सहित विटामिन व हृदय रोग के लिए प्रयोग होने वाली दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं. खराब पाई 38 दवाओं का उत्पादन हिमाचल के उद्योगों में हुआ है. वहीं, उत्तराखंड में 11, गुजरात और पंजाब की नौ-नौ दवाएं गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं. बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, असम, व तमिलनाडु के उद्योगों में बनी दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं. वहीं, सीडीएससीओ के अलर्ट में 47 दवाओं के सैंपल फेल हुए, इसमें 21 दवाएं हिमाचल में बनी हैं. स्टेट ड्रग अथॉरिटी के अलर्ट में देशभर की 56 दवाओं की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई. इसमें हिमाचल में बनी 17 दवाएं शामिल हैं. सीडीएससीओ ने सभी राज्यों के दवा नियंत्रकों को सूची जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा पंजाब के फिल्लौर के उद्योग में बना अजिथ्रोमाइसिन ओरल खराब पाया है. एल्बेंडाजोल, एमोक्सिसिलिन, पेरासिटामोल एंड डिक्लोफिनेक, लिवोसिट्राजिन, कैल्शियम विद विटामिन डी3, फालिक एसिड सहित अन्य कई ऐसी नामचीन दवाओं के सैंपल फेल मिले हैं.
रिपोर्ट में पाया गया है कि अधिकतर दवाओं में धूल के कण मिले हैं. वहीं मिस ब्रांडेड यानी लेवल में भी गलतियां मिली हैं. बताई मात्रा के अनुरूप भी दवा में सामग्री नहीं डाली है. कुछ दवाएं नकली भी पाई जा रही हैं. वेबसाइट पर बैच के साथ जानकारी अपलोड सीडीएससीओ ने लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए दवाओं की जानकारी संबंधित बैच के साथ वेबसाइट पर अपलोड कर दी है. संबंधित राज्यों के दवा नियंत्रकों द्वारा अब खराब दवाओं को बाजार से वापस मंगवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं.
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