MP: नर्सिंग मामले में महाधिवक्ता के खिलाफ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने किया स्वीकार

MP: नर्सिंग मामले में महाधिवक्ता के खिलाफ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने किया स्वीकार

प्रेषित समय :17:07:49 PM / Wed, Apr 2nd, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पलपल संवाददाता, जबलपुर. एमपी हाईकोर्ट के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के खिलाफ नर्सिंग मामले में शासन स्तर पर करोड़ों रुपये के भुगतान लेने के आरोप लगे हैं. इस संबंध में ओबीसी एडवोकेट्स वेल्फेयर एसोसिएशन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट ने इस प्रकरण में अगली सुनवाई 4 अप्रैल को निर्धारित की है. याचिका में महाधिवक्ता पर कई आरोप लगाए गए हैं. जिसमें बताया गया है कि उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस के समान वेतन प्राप्त हो रहा है.

इसके बावजूद महाधिवक्ता प्रशांत सिंह व उनकी टीम ने सरकार के विभिन्न विभागों से पैरवी के नाम पर अनाधिकृत रूप से करोड़ों रुपए प्राप्त किए हैं. एक पेशी के लिए महाधिवक्ता को 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया. केवल नर्सिंग काउंसिल व मेडिकल विश्वविद्यालय से ही ढाई करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है. शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकारी विधि अधिकारियों को शासकीय मामलों में पैरवी के लिए वेतन के अतिरिक्त कोई अन्य राशि नहीं दी जा सकती.

याचिका में यह भी कहा गया है कि महाधिवक्ता ने अपने पद व प्रभाव का दुरुपयोग किया है तथा सरकारी विभागों और निगम-मंडलों के मामलों में अभिमत देने के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये अर्जित किए हैं. तर्क सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह व उदय कुमार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार किया. याचिका में महाधिवक्ता के विरुद्ध क्यो वर्रेंटो रिट जारी करने, आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-6 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा एक हाई पावर कमेटी गठित कर उनके कार्यकाल की जांच करने की मांग की गई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-