जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड करने वाले मेडिकल स्टूडेंट शिवांश गुप्ता के परिजन ने रैगिंग का आरोप लगाया है. शिवांश के चाचा दिनेश गुप्ता ने कहा- उसने तीन दिन पहले ही मां को फोन कर सीनियर्स द्वारा रैगिंग करने की बात कही थी. शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शिवांश का शव परिजन को सौंपा गया तो छात्रों की भीड़ जमा हो गई.
परिजन ने जबलपुर पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. उधर, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवीन सक्सेना ने जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बना दी है.
मां से बताया था- रैगिंग हो रही है
18 साल 7 महीने के शिवांश गुप्ता ने फर्स्ट अटेम्प्ट में ही नीट परीक्षा पास की थी. शिवांश के चाचा दिनेश गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा- सुसाइड के तीन दिन पहले शिवांश ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि सीनियर स्टूडेंट उसकी रैगिंग कर रहे हैं. यह रैगिंग इसलिए हो रही है क्योंकि उसने नई मोटरसाइकिल खरीदी थी. दिनेश का कहना है कि शिवांश के साथ रहने वाले तीन छात्रों को रैगिंग की पूरी जानकारी थी. पूरे मामले को दबा दिया गया है. हॉस्टल में रैगिंग अब भी जारी है.
शिवांश की बड़ी बहनें भी डॉक्टर
रीवा जिले के रहने वाले शिवांश गुप्ता की दोनों बड़ी बहनें भी डॉक्टर हैं. वे गुडग़ांव में रहकर पढ़ाई कर रही हैं. पिता संतोष गुप्ता सीमेंट फैक्ट्री में काम करते हैं जबकि मां अर्चना गुप्ता हाउसवाइफ हैं. उसके चाचा दिनेश ने कहा- हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों के मोबाइल सर्विलांस पर लिए जाएं तो सच्चाई सामने आ जाएगी.
डीन बोले- रैगिंग मुमकिन नहीं, जांच कमेटी बनाई
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवीन सक्सेना का कहना है कि मामले में पांच सीनियर प्रोफेसर्स की कमेटी बनाई गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. सक्सेना ने बताया- परिजन के आरोपों की जांच कराई जा रही है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिस हॉस्टल में शिवांश रह रहा था, वह फर्स्ट ईयर के छात्रों का ही है, ऐसे में वहां सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग करना मुमकिन नहीं है.
आईसीयू में तोड़ दिया था दम
शिवांश गुप्ता के हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदने के बाद छात्रों और कर्मचारियों ने फौरन कॉलेज प्रशासन और पुलिस को सूचना दी. गंभीर हालत में उसे अस्पताल लाया गया. शिवांश के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें पाई गई थीं. गंभीर हालत में उसे इमरजेंसी यूनिट में भर्ती किया गया. यहां से आईसीयू में शिफ्ट किया गया लेकिन इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर को उसकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में शिवांश के कुछ दिन से डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आई थी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




