नई दिल्ली. देश की मौजूदा राजनीतिक सरगर्मियों के बीच विपक्षी गठबंधन इंडिया ने एक बार फिर अपनी रणनीति को धार देने के लिए एकता दिखाई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित इस बैठक में देश के प्रमुख विपक्षी दलों के दिग्गज नेता पहुंचे. इम मीटिंग का एजेंडा साफ था, देशभर में हो रही घटनाओं पर साझा रणनीति बनाना और सरकार पर दबाव बनाना.
इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, डीएमके सांसद तिरुचि शिवा, राजद नेता तेजस्वी यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए. इस उपस्थिति ने विपक्ष की एकजुटता और सरकार के खिलाफ रणनीतिक एकता का संकेत दिया गया.
ऑपरेशन सिंदूर और कश्मीर मुद्दे पर चर्चा
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बताया कि बैठक में ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम हमला और बिहार में चल रही विशेष मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई. विपक्ष का आरोप है कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसका समय भी चुनावों से पहले शंका पैदा करता है. कश्मीर में बढ़ती हिंसा पर भी नेताओं ने चिंता जताई है.
संसद में मामला उठाने के लिए विपक्ष तैयार
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इंडिया गठबंधन इन सभी मुद्दों को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगा. उनका कहना था कि मतदाता सूची में छेड़छाड़, कश्मीर में हमलों और ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील मामलों पर सरकार को जवाब देना ही होगा. उन्होंने संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो विपक्ष संसद से सड़क तक आंदोलन का रास्ता भी अपना सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




