जबलपुर. राज्य के पर्यटन क्षेत्र में क्रांति लाने वाले एक बड़े कदम के तहत, मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'पीएम श्री एयर टूरिज्म' हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ कर दिया है. यह पहल मध्य प्रदेश को देश का पहला ऐसा राज्य बना दिया है जिसने पर्यटन के लिए विशेष रूप से अंतरराज्यीय हवाई कनेक्टिविटी का एक संरचित नेटवर्क तैयार किया है. इस नई सेवा में जबलपुर एक महत्वपूर्ण हब के रूप में उभरा है, जिसे प्रदेश के तीन मुख्य टूरिज्म सर्किट में से एक का केंद्र बनाया गया है.
यह हेलीकॉप्टर सेवा, जो एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, राज्य के प्रमुख धार्मिक, विरासत और वन्यजीव गंतव्यों को त्वरित और सुविधाजनक तरीके से जोड़ने का लक्ष्य रखती है. इस सेवा का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए लंबी और थकाऊ सड़क यात्राओं को कुछ ही घंटों की हवाई यात्रा में बदलना है, जिससे उनका बहुमूल्य समय बचेगा और वे कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे.
जबलपुर को वन्यजीव और प्रकृति पर्यटन को समर्पित एक प्रमुख सेक्टर के रूप में स्थापित किया गया है. यह सेक्टर विशेष रूप से जबलपुर को प्रसिद्ध कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व जैसे राष्ट्रीय उद्यानों से जोड़ेगा, जो अब तक केवल लंबी सड़क यात्राओं के माध्यम से ही सुलभ थे. इस कनेक्टिविटी के कारण, अब देश-विदेश के वन्यजीव प्रेमी सुबह जबलपुर पहुँचकर, दोपहर तक सीधे कान्हा या बांधवगढ़ के जंगल में सफारी का आनंद ले सकते हैं और शाम तक वापस जबलपुर या किसी अन्य बड़े शहर के लिए उड़ान भर सकते हैं.
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा का संचालन प्रत्येक सेक्टर में सप्ताह में पांच दिन किया जाएगा और प्रारंभिक चरण में कम से कम छह-सीटर क्षमता वाले हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जाएगा. यह सिर्फ एक हवाई सेवा नहीं है, बल्कि एक ‘एंड-टू-एंड’ पर्यटन अनुभव है. इसमें यात्रियों के लिए एयरपोर्ट से हेलीपैड तक टैक्सी पिक-अप, होटल बुकिंग, गाइडेड मंदिर टूर और वन्यजीव सफारी की बुकिंग जैसी संपूर्ण व्यवस्थाएँ शामिल हैं. यानी पर्यटकों को केवल अपनी यात्रा का आनंद लेना है, बाकी सारी व्यवस्थाएँ पैकेज में ही सुनिश्चित की गई हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा के उद्घाटन के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश भौगोलिक रूप से कई यूरोपीय देशों से भी बड़ा है और ऐसे में हवाई संपर्क को मजबूत करना विकास की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक था. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सेवा केवल पर्यटन को बढ़ावा नहीं देगी, बल्कि छोटे शहरों में रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगी, होमस्टे उद्योग को प्रोत्साहित करेगी और स्थानीय हस्तकला को एक नया बाज़ार देगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल के साथ ही राज्य में हवाई एम्बुलेंस सेवा का विस्तार भी किया गया है, जिससे आपातकाल में दूरस्थ क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधा पहुँचाना आसान हो गया है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

