जबलपुर. संस्कारधानी कहे जाने वाली जबलपुर, जो कभी केवल अपनी ऐतिहासिक पहचान, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए जाना जाता था, अब सोशल मीडिया के नए नक्शे पर उभरता हुआ शहर बन गया है. इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जबलपुर के युवा तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं. सोशल मीडिया एनालिटिक्स एजेंसी “Modash” की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, जबलपुर में फिलहाल 36 से अधिक सक्रिय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर हैं, जिनके कंटेंट को देशभर में पसंद किया जा रहा है. इनमें कई ऐसे क्रिएटर हैं जिनके फॉलोअर्स लाखों में हैं और जिनकी पोस्ट्स पर हजारों लाइक्स व प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जबलपुर के युवा अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, फैशन, फिटनेस, कला, ट्रैवल और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी प्रभावशाली कंटेंट बना रहे हैं. खास बात यह है कि इन कंटेंट क्रिएटर्स में अधिकतर की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच है और वे अपने शौक को पेशे में बदल रहे हैं. इंस्टाग्राम पर जबलपुर के ट्रेंडिंग रील्स में शहर की गलियों, मदन महल की पहाड़ियों, भेड़ाघाट के जलप्रपात और ग्वारीघाट की सांध्य आरती जैसी झलकियाँ देखी जा सकती हैं. ये दृश्य न केवल स्थानीय दर्शकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों से भी लोगों की रुचि इस शहर की ओर खींचते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, जबलपुर के टॉप इन्फ्लुएंसरों में कुछ नाम ऐसे हैं जो लाइफस्टाइल और फैशन कंटेंट के जरिए अपने फॉलोअर्स को प्रेरित कर रहे हैं. वहीं कुछ क्रिएटर स्थानीय संस्कृति, भोजन और पर्यटन को लेकर शॉर्ट वीडियो बनाते हैं. कई क्रिएटर्स स्थानीय व्यवसायों के साथ जुड़कर प्रमोशनल शूट करते हैं, जिससे शहर के छोटे उद्योगों और दुकानों को भी डिजिटल स्पेस में पहचान मिल रही है.
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जबलपुर से जुड़ी पोस्ट्स में पिछले एक साल के दौरान 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. शहर के युवाओं में “रील बनाना” अब सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक करियर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. स्थानीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी अब डिजिटल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन पर कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं, ताकि छात्रों को इस क्षेत्र में व्यावहारिक जानकारी दी जा सके.
सोशल मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, जबलपुर का इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम धीरे-धीरे विकसित हो रहा है. यहाँ के कंटेंट में मौलिकता, स्थानीय भाषा का प्रयोग और यथार्थपरक विषय प्रमुख रूप से देखने को मिलते हैं. यही कारण है कि जबलपुर की रील्स और पोस्ट्स देश के अन्य हिस्सों के कंटेंट से अलग पहचान बना रही हैं. उदाहरण के तौर पर, एक स्थानीय ट्रैवल ब्लॉगर ने भेड़ाघाट की रील बनाकर कुछ ही घंटों में 5 लाख से ज्यादा व्यूज़ हासिल किए, वहीं एक फैशन इन्फ्लुएंसर की पोस्ट पर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के दर्शकों ने भी कमेंट कर सराहना की.
सोशल मीडिया का यह नया दौर जबलपुर के युवाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खोल रहा है. पहले जहाँ युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों का रुख करते थे, वहीं अब वे अपने ही शहर से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं. कई इन्फ्लुएंसर तो स्थानीय ब्रांड्स के साथ ही नहीं बल्कि नेशनल लेवल की कंपनियों के साथ भी सहयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल रहा है.
लिंक्डइन जैसे प्रोफेशनल नेटवर्क पर भी जबलपुर के डिजिटल क्रिएटर्स की सक्रियता बढ़ी है. यहाँ कई क्रिएटर अपने ब्रांड को पेशेवर रूप में प्रस्तुत करते हैं और डिजिटल मार्केटिंग, वीडियो प्रोडक्शन, और सोशल मीडिया मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाश रहे हैं. स्थानीय एजेंसियाँ अब इन क्रिएटर्स के साथ मिलकर ब्रांड कैंपेन चलाने लगी हैं.
फेसबुक पर शहर के प्रमुख ग्रुप्स — जैसे “We Love Jabalpur”, “Jabalpur City Updates” और “Jabalpur Foodies” — पर रोज़ाना सैकड़ों पोस्ट साझा की जा रही हैं. इनमें से कई पोस्ट वायरल होकर व्यापक चर्चा का विषय बन जाती हैं. एक ओर जहाँ लोग शहर की सामाजिक गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों और मुद्दों पर चर्चा करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय क्रिएटर्स इन्हीं घटनाओं को रचनात्मक वीडियो के रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों को जोड़ते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि जबलपुर में सोशल मीडिया का यह रुझान आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती भागीदारी न केवल युवाओं को नए अवसर दे रही है बल्कि शहर की एक नई पहचान भी गढ़ रही है. पहले जो जबलपुर केवल शैक्षणिक और प्रशासनिक शहर माना जाता था, अब वह डिजिटल क्रिएटिविटी का केंद्र बनता जा रहा है.
यह भी उल्लेखनीय है कि कई इन्फ्लुएंसर अब अपने कंटेंट के जरिए सामाजिक मुद्दों को भी सामने ला रहे हैं. स्वच्छता, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे विषयों पर बन रहे वीडियो आम दर्शकों के बीच सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं. इससे यह साबित होता है कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुका है.
जबलपुर के इन सोशल मीडिया सितारों ने दिखाया है कि यदि रचनात्मकता और समर्पण हो, तो छोटा शहर भी बड़े मंच पर अपनी जगह बना सकता है. आज इन क्रिएटर्स की सफलता न सिर्फ उनके लिए प्रेरणा है, बल्कि शहर के उन युवाओं के लिए भी उदाहरण है जो डिजिटल दुनिया में अपना भविष्य देख रहे हैं. जबलपुर अब केवल नर्मदा तट का शहर नहीं, बल्कि उभरते हुए डिजिटल इंडिया का एक नया चेहरा बनता जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

