वनपाल के बेटे की फर्जी कंपनी को किया 30 लाख रुपए का भुगतान, वन अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

वनपाल के बेटे की फर्जी कंपनी को किया 30 लाख रुपए का भुगतान, वन अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

प्रेषित समय :20:00:08 PM / Wed, Nov 26th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

छिंदवाड़ा. एमपी के छिंदवाड़ा में वन अधिकारियों ने वनपाल चेतराम चौबे के बेटे सुशील को फर्जी मजदूर बताया. फिर इसी फर्जी मजदूर की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन के खातों में निर्माण कार्याे का फर्जी भुगतान कर दिया. मामले की जांच करते हुए ईओडब्ल्यू ने तीन अधिकारियों सहित चार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है.

जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को यह शिकायत प्राप्त हुई कि अनादि बुधोलिया उप वन मंडलाधिकारी परासिया छिन्दवाड़ा, कीर्ति बाला गुप्ता परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी रेंज, छिन्दवाड़ा, हीरालाल सनोडिय़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी रेंज छिन्दवाड़ा तथा वनपाल चेतराम चौबे के पुत्र सुशील चौबे ने आपसी साठगांठ कर कैम्पा योजना के अंतर्गत कराये जाने वाले कार्यों में फॉरेस्टर चेतराम के पुत्र सुशील चौबे को फर्जी मजदूर बताकर और इसी फर्जी मजदूर सुशील चौबे की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन के खातों में निर्माण कार्य तथा बाउण्ड्रीवाल आदि निर्माण कार्यों की स्वीकृत राशि का आहरण कर फर्जी भुगतान किया तथा एक ही कार्य के लिये एक ही मजदूर को एक ही दिनांक मे 02 बार भुगतान किया. अनाधि बुधोलिया अपने सेवाकाल के 19 वर्षों मे से 17 वर्ष एक ही वन मण्डल मे पदस्थ रहा है.

शिकायत की जांच में पाया गया कि वन पाल के पुत्र सुशील चौबे को वन विभाग द्वारा 2,71,379 रुपये की मजदूरी का फर्जी भुगतान किया गया साथ ही सुशील चौबे की अवनी कन्स्ट्रक्शन को कैम्पा व अन्य मद से कुल राशि 23,21,199 रुपये का भुगतान वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया. इसके अतिरिक्त जांच में सांवरी परिक्षेत्र मे बाउण्ड्री वाल निर्माण के लिये स्वीकृत 15 लाख रूपये में से 6,97,643 रूपये के देयक पाये गये तथा शेष राशि का गबन कर लिया गया.

उक्त कार्य बिना स्वीकृति प्राप्त कर किये गये तथा स्वीकृति प्राप्त होने के पूर्व ही 222176 रूपये भुगतान किया गया. उपरोक्त भुगतान भण्डार क्रय नियम व शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के विपरीत जाकर किया गया. साथ ही वन मण्डल परासिया द्वारा 04 कैमरे की डीव्हीआर व सीसीटी व्ही कैमरा हेतु स्थानीय सप्लायर मेसर्स डिजिटल एक्स छिन्दवाड़ा को कोटेशन से अधिक 52534 रुपये का भुगतान कार्य स्वीकृति के पूर्व ही वन विभाग परासिया के अधिकारियों द्वारा किया गया. उल्लेखनीय है कि आरोपी सुशील चौबे का पिता चेतराम चौबे उसी वन मण्डल मे घटना समय फॉरेस्टर के पद पर पदस्थ रहा है. उसी सरकारी अधिकारी के पुत्र को फर्जी मजदूर के रूप में दिखाया जाकर 2,71,337 रूपये का भुगतान कर दिया गया है. इसी क्रम मे आश्चर्यजनक रूप से इसी फर्जी मजदूर सुशील चौबे की स्वयं की फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन छिंदवाड़ा को कैम्पा योजना का 2321199 रूपये का भुगतान फर्म के छिन्दवाड़ा स्थित ऐक्सिस बैंक के खाते में किया गया.

जांच के दौरान पाया गया अवनी कंस्ट्रक्शन फर्म का नाम वही पदस्थ चैतराम चौबे की सुपुत्री अवनी के नाम पर रखा गया है और वनपाल का पुत्र सुशील चौबे उसे संचालित करता हैं. यही सुशील चौबे वन विभाग के निर्माण कार्यो में मजदूर के रूप मे दर्ज होकर मजदूरी भी प्राप्त कर रहा था. यह फर्जीवाड़ा सामान्य वन मण्डल छिन्दवाड़ा के परिक्षेत्र सांवरी में ही सतत् चलता रहा है. उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक षडय़ंत्र रचकर पद का दुरूपयोग कर शासकीय राशि का गबन करने के आरोपो प्रमाणित पाये जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया है.

इनपर दर्ज की गई है एफआईआर-
-अनादि बुधोलिया उप वन मंडलाधिकारी परासिया, वन मण्डल पश्चिम सामान्य छिन्दवाड़ा
-कीर्ति बाला गुप्ता परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी, छिन्दवाड़ा
-हीरालाल सनोडिय़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी छिन्दवाड़ा
-सुशील चौबे, संचालक अवनी कन्स्ट्रक्शन छिन्दवाड़ा

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-